“आयुर्वेद डॉक्टर की सलाह”
Deoli News 18 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। रात के समय ठंडक और दिन में तेज धूप के चलते मानव शरीर की प्रकृति वातावरण के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पा रही है
जिसके परिणामस्वरूप लोग सर्दी, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। स्थानीय आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. पीएल जांगिड़ ने आमजन को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पतालों में अधिक मरीज सर्दी-खांसी और वायरल बुखार के आ रहे हैं। इस स्थिति से बचने के लिए खान-पान में बदलाव करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से ठंडी और खट्टी चीजों से परहेज करने की बात कही है। वर्तमान मौसम में दही, संतरा और अन्य ठंडी तासीर वाली वस्तुओं का सेवन गले और फेफड़ों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दिनभर गुनगुने पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। सुबह उठकर गर्म पानी पीना और रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और गले की खराश में राहत देता है। यदि इन छोटी-छोटी सावधानियों को दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो वायरल संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



