अनजान है अधिकारी, जांच हो तो होगा बड़ा खुलासा
Jahazpur news 11 जुलाई (आज़ाद नेब) जहाजपुर इलाके में बीसलपुर बांध के भराव क्षेत्र की गाद के नाम पर बजरी निकाली जा रही है। यह खेल जमकर खेला जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इससे अनजान है। यदि इसकी जांच हो तो बड़ा मामला उजागर हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक आरएल 315.50 भराव क्षमता वाले बीसलपुर बांध के भराव क्षेत्र एवं उसके केंचमेंट एरिया तक बनास नदी से गाद निकालने (सफाई करने) कार्य एनजी गदिया नामक कम्पनी को दिया गया था। जिसने 20 सितम्बर 2023 से नापा का खेड़ा पुलिया के पास ट्रेगर मशीन, हाइड्रोलिक वाटर पंप लगाकर कार्य शुरू किया था। अभी कंपनी द्वारा जहाजपुर उपखंड क्षेत्र के राजस्व गांव खजुरिया खेड़ा जीरा, हरिपुरा, हथोडिंया, बिहाड़ा, अखेपुरा, बालापुरा, जालमपुरा से सटी बनास नदी से गाद निकालने का कार्य कर रही है।
बनास नदी में एलएनटी, जेसीबी मशीनों से खोद कर डंपर एवं ट्रैक्टर-ट्रॉली के ऊपर जाली लगाकर केवल बजरी को ही बाहर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाद निकालने के नाम पर केवल बनास से बजरी निकाली रही है। जबकि गाद में बजरी, स्टोन, ग्रेवल, मिट्टी आदि है। जबकि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को इस की खबर तक नहीं है। लीज या माइनिंग की एक कॉपी उपखंड कार्यालय पर जमा की जाती है। फिर भी अधिकारी अनजान बने बैठे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि जिस कंपनी को गाद निकलने का टेंडर मिला है। वह बनास नदी से केवल बजरी ही निकाल रही है, जो गंभीर विषय है। संबंधित अधिकारियों से जल्द ही कार्रवाई के लिए कहेंगे। उपखंड अधिकारी सुरेंद्र बी पाटीदार ने कहा कि इस मामले में माइनिंग विभाग के अधिकारियों जानकारी करें।
शायद उनसे कुछ टाइअप हुआ हो, लेटर या एनओसी दी हो। माइनिंग विभाग के एमई चंदन कुमार फोन रिसीव नहीं किया। जबकि फोरमैन दिनेश कुमार यादव का फोन सुबह से बंद है।


