Monday, May 25, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeDainik Bureau Deskबांध की ऊंचाई के बजाय, गहराई बढ़ाने का दिया सुझाव

बांध की ऊंचाई के बजाय, गहराई बढ़ाने का दिया सुझाव

जहाजपुर विधायक ने विधानसभा में उठाई 60 गांवों के विस्थापन की चिंता


Deoli News 19 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजस्थान विधानसभा में जहाजपुर विधायक गोपीचन्द मीणा ने विशेष उल्लेख प्रस्ताव के जरिए बीसलपुर बांध की ऊंचाई और भराव क्षमता बढ़ाने के संभावित सरकारी प्रस्ताव पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। साथ ही सरकार को नया सुझाव दिया है।

विधायक ने सदन को अवगत कराया कि यदि बांध की ऊंचाई बढ़ाई जाती है तो केकड़ी, देवली-उनियारा और जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के करीब 50 से 60 गांव सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इनमें धुंवाला, झीरा, हथीडिया, बालापुरा, गणेशपुरा, मोतीपुरा, गांगीथला, मुंशीपुरा, देवपुरा, कासीर, नापाकाखेड़ा सहित कई गांव डूब क्षेत्र में आ सकते हैं, जिसके चलते स्थानीय ग्रामीणों में विस्थापन और अपनी पैतृक संपत्ति खोने का भय व्याप्त है। क्षेत्रवासी इस डर के कारण लंबे समय से धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इससे न केवल कृषि भूमि और चरागाह नष्ट होंगे।

बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और सामाजिक संरचना पर भी बुरा असर पड़ेगा। विधायक गोपीचन्द मीणा ने सरकार से आग्रह किया है कि ग्रामीणों के हित में बांध की ऊंचाई को यथावत रखा जाए और भराव क्षमता बढ़ाने के लिए वैकल्पिक वैज्ञानिक तरीकों पर विचार किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऊंचाई बढ़ाने के स्थान पर बांध की गहराई बढ़ाई जानी चाहिए और वर्षों से जमा गाद (मिट्टी) को आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली के जरिए निकाला जाना चाहिए। साथ ही विधायक ने ब्राह्मणी नदी को बीसलपुर बांध से जोड़ने के प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया, ताकि बांध में पानी की आवक निरंतर बनी रहे।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल संरक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए ऊंचाई बढ़ाने के बजाय अन्य विकल्पों पर त्वरित निर्णय लिया जाए। जिससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बेघर होने से बचाया जा सके। उल्लेखनीय है कि बांध की जल भराव क्षमता के विरोध में राष्ट्रीय विस्थापित संघर्ष समिति पिछले करीब दो माह से देवली तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर प्रदर्शन कर रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

%d