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HomeDainik Bureau Deskबीएलओ का आत्महत्या करना प्रशासनिक संवेदनहीनता, वेदना बताई

बीएलओ का आत्महत्या करना प्रशासनिक संवेदनहीनता, वेदना बताई


Deoli News 18 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, शासन सचिव (शिक्षा) व निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान से वार्ता और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एसआईआर में लगे शिक्षकों की वेदना से अवगत कराया।

शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि प्रदेश में बीएलओ के आत्महत्या करने, हृदयाघात सहित कई घटनाएं प्रकट होना कार्य की अधिकता और प्रशासनिक संवेदनहीनता का प्रतीक है। संगठन ने इस तरह का दबाव हटाने तथा आवश्यकता होने पर एसआईआर अवधि बढ़ाने की मांग की है। महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि सभी जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा एसआईआर का कार्य एक माह में पूर्ण करवाने का दबाब बनाया जा रहा है। जिसकी संतुष्टि और डर पैदा करने के लिए कारण बताओं नोटिस, निलम्बन तथा अन्य कई प्रकार की प्रताडनाओं के दस्तावेज जारी कर मानसिक दबाब दिया जा रहा है, जो अनुचित है।

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मृतक मुकेश जांगिड़ को श्रद्धांजलि दी

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उपशाखा देवली के उपाध्यक्ष सुगन चन्द कुमावत ने बताया कि पीईईओ बीजवाड के सभी शिक्षकों ने मंगलवार को सभा बीएलओ व जयपुर निवासी मुकेश जांगिड़ को दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी। शिक्षकों ने आत्महत्या के लिए दबाव डालने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायोचित जांच करवा कर शिक्षक बीएलओ मुकेश जांगिड़ के परिवार को 50 लाख रुपए की सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

कुमावत ने बताया कि वर्तमान में मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में जो शिक्षक बीएलओ लगे हुए हैं। उन पर अनावश्यक रूप से 100 से 200 फार्म भरकर आनलाइन करने का दबाव बनाया जा रहा है।

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