Deoli News 17 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) धर्म, संस्कृति व परंपरा का संगम इन दिनों देवली के अग्रवाल धर्मशाला में देखने को मिल रहा है। दरअसल अग्रवाल समाज द्वारा गत 6 वर्षों की निरंतरता को बरकरार रखते हुए इस वर्ष भी 16 दिवसीय गणगौर पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
उत्सव में समाज की 90 महिलाएँ और बालिकाएँ पूरे उत्साह के साथ भाग ले रही हैं, जो राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर रही हैं। महिला मंडल अध्यक्ष हंसा गोयल ने बताया कि धुलण्डी से शुरू हुआ यह पूजन पूरी विधि-विधान के साथ जारी है। सम्मिलित होने वाली सभी महिलाएँ प्रतिदिन पूर्ण ’17 श्रृंगार’ कर पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर आती हैं। प्रतिदिन माता गौरा के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया जा रहा है और लोकगीतों की मधुर स्वरलहरियों के बीच गणगौर की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। उत्सव के दौरान शीतला सप्तमी का दिन विशेष रहा, जब कुम्हार के यहाँ से ईसर-गणगौर और मालन-मालिनी के जोड़ों को गाजे-बाजे और नृत्य के साथ धर्मशाला लाया गया। इस दौरान जेलिया लाने की रस्म भी निभाई गई।
ईसर-गौरा के विवाह की रस्मों के प्रतीक स्वरूप हल्दी और मेहंदी जैसे मांगलिक कार्यक्रमों ने आयोजन में चार चाँद लगा दिए। प्रतिदिन गणगौर का ‘बिन्दौरा’ निकाला जा रहा है, जिसमें पारंपरिक दोहों के उच्चारण के साथ गणगौर जी को पानी पिलाने की रस्म अदायगी की जाती है। अंतिम दिन गणगौर पर विशेष उत्साह रहेगा, जब सभी महिलाएँ मिलकर गणेश जी के गोट करेंगी और माता गौरा की महापूजा की जाएगी। यहां 17 दिनों की अखंड तपस्या और पूजा के बाद शाम को पारंपरिक गीतों के साथ गणगौर जी को पानी पिलाकर गणेश जी की नदी में विसर्जन किया जाएगा। समाज की ओर से सभी ‘बियांवली’ (नवविवाहिताओं) को विशेष रूप से पुरस्कृत भी किया जाएगा।
आयोजन में में नीलम गुप्ता, दीपशिखा, सुरभि गर्ग, नीलू गर्ग, दीप्ति कन्छल, शिल्पा कन्छल, श्वेता अग्रवाल, वर्षा मंगल, शेफाली मंगल, प्रियंका गोयल, इंदु मंगल, सोनल कन्छल और रिंकू मंगल सहित महिलाएँ सक्रिय रूप से अपना सहयोग दे रही हैं।


