इमामों का हुआ इस्तकबाल
Deoli News 17 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में माहे रमज़ान की 27वीं शब ‘लैलतुल कद्र’ के मुबारक मौके पर मस्जिदों में इबादत का खास माहौल रहा और तरावीह के दौरान कुरआन मजीद के 30 पारे मुकम्मल होने पर हाफ़िज़ों व इमामों को नज़रना, खिल्लत और दस्तारबंदी से नवाजा गया।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदर अख्तरुल्लाह खान, सचिव मुस्तकीम अब्बासी और अब्दुल अय्यूब रज्जाकी ने बताया कि अकीदतमंदों ने रातभर जागकर नफ़्ल नमाज़, तिलावत और अपनों की मग़फिरत के लिए कब्रिस्तानों में दुआएं की। जामा मस्जिद में हाफ़िज़ अमान रज़ा संभली को एक लाख 93 हजार एजेंसी मस्जिद में मुफ्ती बरकतुल्लाह खान को एक लाख 51 हजार 786, सीआईएसएफ मस्जिद में हाफ़िज़ मुकीम रज़ा को एक लाख 71 हजार हजार और प्रताप नगर गौसिया मस्जिद में हाफ़िज़ शाहिद रजा को 73 हजार रुपए का नजराना पेश किया गया। शाही इमाम हाफ़िज़ कारी आमान रज़ा संभली ने इस मौके पर दीन-दुखियों, यतीमों और बेवाओं की मदद करने का आह्वान किया।
ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। अन्य मस्जिदों में हाफ़िज़ अ. वहाब लोहार, हाफ़िज़ रहबर रज़ा मुराबादी, हाफ़िज़ बना आमान खान और मौलाना शमीउल्लाह रज़ा ने खत्म-ए-तरावीह की नमाज़ अदा करवाई और मुल्क की खुशहाली व अच्छी वर्षा के लिए दुआएँ मांगी। इसी तरह अंसारी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एजाज गौरी के सानिध्य में मस्जिद अल अंसार में रोज़ा इफ्तार का आयोजन हुआ।
समाज के प्रतिनिधि हारून अंसारी और मोहम्मद इदरीस ने बताया कि सभी उलेमाओं ने देश में अमन-चैन, भाईचारा और विश्व शांति कायम रहने के लिए अल्लाह तआला से विशेष रहमत की दुआ माँगी।


