Deoli News 11 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) महावीर जिनालय में रविवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि सुप्रभसागर महाराज ने कहा कि भगवान के नाम का उच्चारण वाणी को शुद्ध करता है और पापों की निर्जरा का कारण बनता है।
भगवान की पूजा संसार के दुखों से मुक्ति और आत्मविशुद्धि की प्राप्ति के उद्देश्य से की जाती है। उन्होंने कहा कि जिनेंद्र भगवान के अभिषेक के बाद प्राप्त गंधोदक को विनयपूर्वक धारण करने से मन की पवित्रता और धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ती है। इसी तरह मुनि वैराग्य सागर महाराज ने पारिवारिक संबंधों पर कहा कि घर-परिवार में लड़ाई-झगड़े का प्रमुख कारण आपसी सामंजस्य की कमी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ परिवार, समाज और रिश्तों की मर्यादा का ध्यान रखना भी जरूरी है। मर्यादाओं को तोड़कर उठाए गए गलत कदम अंततः दुख का कारण बनते हैं। यह जानकारी अंकित जैन ने दी।
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