ऑडिट रिपोर्ट में हुआ खुलासा, विश्वास के आधार पर फर्म में रखा था मैनेजर
Deoli News 5 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर निवासी तथा भाजपा नेता के साथ रिश्तो को तार-तार करते हुए उन्हीं के बेटी, जवाई ने करोड़ रुपए की ठगी कर डाली। मामले का पता ऑडिट रिपोर्ट कराया जाने पर लगा। यह जानकर पीड़ित पक्ष के होश उड़ गए। विश्वास में पीड़ित ने नुकसान उठाया है।
दरअसल उक्त मामला जरिए इस्तगासा भाजपा नेता के पुत्र गगनप्रीत पुत्र प्रीतपाल सिंह सलूजा ने दर्ज कराया है। प्रीतपाल सिंह बीजेपी के नेता है। जबकि उनके पुत्र गगनप्रीत सिंह पेट्रोल पंप चौराहा देवली स्थित दशमेश बैटरी के प्रोपराइटर है। पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया कि गगनदीप पुत्र महेंद्र सिंह सिख, रणप्रीत कौर सलूजा पत्नी गगनदीप सिंह सिख व हरदीप सिंह पुत्र महेंद्र सिंह सिख सभी निवासी 1175 महावीर नगर आनंदपुर फूटा तालाब कोटा हाल निवासी देवली है। रिपोर्ट में बताया कि अभियुक्त पक्ष से पीड़ित पक्ष की रिश्तेदारी है। इनमें गगनदीप व रणजीत कौर प्रीतपाल सिंह के रिस्ते में बेटी, जवाई है। जबकि हरदीप सिंह, गगनदीप का छोटा भाई है।

पारिवारिक संबंध व रिस्ते की वजह से फर्म में मैनेजर बनाया
रिपोर्ट में बताया कि इन लोगों का पीड़ित पक्ष से पारिवारिक संबंध है। इसके चलते गगनदीप सिंह को फर्म के प्रोपराइटर ने बैटरी व्यवसाय का मैनेजर बनाया था। यह परिवार दो-तीन वर्षों से देवली रहा। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि गगनदीप सिंह ने कुछ दिन बाद ही फर्म से बेईमानी शुरू कर दी तथा ग्राहकों से आई विक्रय की रकम फर्म खाते में नहीं डालकर अपनी पत्नी रणप्रीत कौर सलूजा के सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा देवली के खाते में डलवा दी। वही अभियुक्त गगनदीप सिंह ग्राहकों को माल का कच्चा बिल देने लगा। इससे किसी को शंका नहीं हुई। रिपोर्ट में बताया कि परिवादी का मुख्य कार्यालय देवली में स्थित है। मैनेजर होने की वजह से अभियुक्त गगनदीप सिंह सीधे ग्राहकों से लेनदेन करने लगा।

कच्चे बिलों का नहीं दिया था हिसाब
इस अवधि में अभियुक्त ने सीएसटी, आरजीएसटीके बिलों का हिसाब तो परिवादी को दे दिया। लेकिन कच्चे बिलों का हिसाब नहीं दिया। आरोप लगाया कि अभियुक्त गगनदीप सिंह ने यह राशि अपनी पत्नी रणप्रीत कौर व हरदीप सिंह के खाते में डलवा ली तथा षड्यंत्र रचकर 27 जून 2023 को ज्योति कॉलोनी में प्लाट खरीद लिया। तीनों अभियुक्त ने पदम आभूषण भंडार से गोल्ड भी लिया है। आरोप लगाया कि तीनों अभियुक्त ने षडयंत्र रचकर परिवार की फर्म से धोखाधड़ी करते हुए 15 लाख 65 हजार रुपए की रकम रणप्रीत कौर के खाते में डलवा दी। इसी तरह अभियुक्त गगनदीप सिंह ने 19 नवम्बर 2022 से 12 अप्रैल 2024 तक एक करोड़ 18 लाख रुपए का लेनदेन किया। यह राशि फर्म के खाते में आनी चाहिए थी। जबकि अभियुक्त गगनदीप सिंह गगनदीप की मासिक तनख्वाह 20 हजार रुपए थी। इस दौरान परिवादी जब ग्राहकों से मिला तो उन्हें कच्चा बिल दिए जाने की जानकारी मिली।
जिससे फ़र्म को बैटरी एक्सचेंज कराने में परेशानी हुई। वही ऑडिट रिपोर्ट किए जाने पर तीनों अभियुक्त की ओर से षड्यंत्र रचकर धोखाध़डीपूर्वक एक करोड़ 33 लाख 65 हजार रुपए की राशि हड़पने की बात उजागर हुई। न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।


