(विधानसभा चुनाव-2023)
राजेन्द्र बागड़ी, वरिष्ठ पत्रकार
Desk News 14 नवम्बर ( दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रदेश,जिलों व स्थानीय मुद्दों के आधार पर चल रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार में अब ” दूसरा” बड़ा गियर लगने वाला है। ये गियर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगाने वाले है। देवली में 16 नवम्बर को होने वाली ये चुनावी सभा कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। गृहमंत्री शाह इसी दिन देवली में बीजेपी उम्मीदवार विजय बैसला व हिंडोली विधानसभा में बीजेपी प्रत्याशी पूर्व कृषि मंत्री डॉ प्रभुलाल सैनी के क्षेत्र दहाड़ने वाले है।

देवली-उनियारा व हिंडोली दोनो विधानसभा क्षेत्रों में शाह की सभा कितना असर डाल पाएगी ये तो बाद में पता लगेगा, लेकिन इतना तय है कि भारत सरकार के दो नम्बर मंत्री शाह का देवली व हिंडोली में चुनावी सभा को सम्बोधित करना क्षेत्र की आसपास की टोंक, जहाजपुर, केकड़ी तक की सीटों पर प्रभाव डालेगी। अभी तक प्रदेश में बड़े नेताओं की सभाएं नही होने से चुनावी माहौल नही बन पाया था। लिहाजा विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार के जातिगत आंकड़े, स्थानीय मुद्दे, समस्याएं, नाराजगी जैसे बिंदुओं पर चुनाव प्रचार चल रहा था।
अब 16 नवम्बर को प्रदेश में केंद्रीय गृहमंत्री की एंट्री राजस्थान में केंद्र के मुद्दों को लेकर होगी। जिसमें ” मोदी” फेक्टर को आमजनों के बीच बड़ी तेजी से फैलाने की कोशिश होगी। ऐसे में ये प्रचार का दौर बहुत आक्रामक होने वाला है। गृहमंत्री का ये दौरा कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़े करने वाला होगा। ऐसे में गृहमंत्री की ये सभा चुनाव तस्वीर को बदलने वाली साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे नम्बर पर शाह की सभाओं में लोगों की भीड़ भी अपेक्षाकृत अधिक आती है। शाह बीजेपी के बड़े चेहरे भी है तो बीजेपी के रणनीतिकार भी है। देवली-उनियारा विधानसभा में टोंक जिले के देवली शहर को चुनावी सभा के लिए चुनने के पीछे पार्टी की बड़ी नीति रही है। यहाँ से देवली, जहाजपुर, केकड़ी, टोंक, निवाई तक की सीटों पर असर डालने की दृष्टि सम्भवतः रही है। देवली में बीजेपी प्रत्याशी विजय सिंह बैंसला के पक्ष में आमसभा करने से पार्टी गुर्जर मतदाताओं को बड़ा सन्देश देना चाहती है।
वहीं हिंडोली में केशोरायपाटन, बूंदी, कोटा तक की सीटों को प्रभावित करने की पार्टी की योजना है। गृहमंत्री शाह की ये सभाएं गेमचेंजर साबित हो सकती है। राष्ट्रीय मुद्दों के बीच कांग्रेस की विफलताओं को लेकर गृहमंत्री ” तीखे तीर” चला सकते है, जो मतदाताओं को जरूर प्रभावित करेगा। देवली- उनियारा विधानसभा क्षेत्र के कई गांव सैनिक बहुल है, जिन पर चुनावी सभा का असर देखने को मिल सकता है। उल्लेखनीय है मोदी के बाद सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता अमित शाह है। लिहाजा इसका पार्टी को फायदा मिलना साफ प्रतीत हो रहा है। चुनावी मुद्दों में शाह राज्य की कांग्रेस सरकार में पेपर लीक,सरकार की विफलताओं, तुष्टीकरण, क़ानून व्यवस्था की बिगड़ी, महिलाओं पर अत्याचार की स्थिति, भृष्टाचार, राज्य में चले सत्ता संघर्ष समेत कई बड़े मुद्दों पर अपने तीर तो चलाएंगे लेकिन मोदी सरकार की उपलब्धि को भी सामने रखेंगे। राममंदिर को लेकर भी शाह मोदी सरकार की उपलब्धि को भुनाने का प्रयास कर सकते है।
लिहाजा देवली और हिंडोली में गृहमंत्री शाह की चुनावी सभाएं बीजेपी के सभी उम्मीदवारों के प्रचार की ताकत फूंकने वाली होगी। उल्लेखनीय है देवली में अब तक हुए विधानसभा, लोकसभा चुनावों में अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह, चोधरी देवीलाल, सोनिया गांधी, राहुल गांधी के बाद अमित शाह का नाम जुड़ने वाला है।


