Deoli News 10 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर रविवार से होगी। मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान, टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री के अनुसार इस बार नवरात्र 10 दिन के होंगे और 20 अक्टूबर को विजयदशमी मनाई जाएगी।
घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 बजे तक श्रेष्ठ रहेगा। इसके अलावा लाभ-अमृत चौघड़िया सुबह 9:20 से दोपहर 12:13 बजे तक रहेगा। द्विस्वभाव लग्न का समय सुबह 11:32 से दोपहर 1:36 बजे तक रहेगा। इन समयों में घट स्थापना करना शुभ माना गया है। शास्त्री ने बताया कि 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा। इनके शुरुआती चरणों को छोड़कर घट स्थापना की अनुमति शास्त्रों में दी गई है। इस वर्ष नवरात्र में माता का आगमन गज (हाथी) पर माना गया है, जिसे सुख-समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है। वहीं 17 अक्टूबर को सप्तमी, 18 अक्टूबर को अष्टमी और 19 अक्टूबर को नवमी रहेगी। 20 अक्टूबर मंगलवार को विजयदशमी (दशहरा) मनाया जाएगा।
इसी दिन शमी पूजन, अपराजिता पूजन और विजयादशमी के पर्व होंगे। दशहरा के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। वाहन, आभूषण, सफेद वस्त्र, व्यापार और मशीनरी आदि की खरीद या शुभ कार्य शुरू करने के लिए यह समय श्रेष्ठ बताया गया है। नवरात्रि से पूर्व चांदली स्थित हिंगलाज माताजी मंदिर और कुचलवाड़ा स्थित बिजासन माता मंदिर में भी झांकी सजाई गई।
नवरात्र में इन दोनों प्रमुख मंदिरों समेत शक्तिपीठों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। बिजासन माता मंदिर परिसर में लकवा रोगियों का विशेष कर जमावड़ा रहेगा।
पार्क में सजा अग्रसेन मेला, व्यंजनों और मनोरंजन का दिखा संगम


