Jahazpur 12 सितंबर आज़ाद नेब) स्वस्तिधाम में आर्यिका स्वस्ति भूषण के सानिध्य में श्रावक संस्कार साधना शिविर एवं दशलक्षण महापर्व मनाया गया। दशलक्षण महापर्व के पांचवे दिन सत्य धर्म की आराधना की गई।
मीडिया प्रभारी नवीन जैन नेमीचंद जैन ने बताया कि सुबह 6:30 अभिषेक शांतिधारा हुई। आर्यिका स्वस्ति भूषण ने कहा कि सत्य वचन और सत्य धर्म में जमीन आसमान का अंतर है। सत्य वचन बहुत स्थूल और सत्य धर्म आत्मा से में संपूर्ण में उतर जाता है। सत्य वचन के द्वारा सत्य को कुछ अंश ही प्रकट हो पता है। यदि सत्य वचन को सत्य धर्म मान ले तो मौन रहने वाले के पास सत्य धर्म नहीं होगा। प्रवचन के बाद बाहर से आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत तीर्थ कमेटी के पदाधिकारियों की ओर से किया गया। दिन में ढाई से 5 बजे तक तत्वार्थ सूत्र की कक्षाएं हुई। सांयकाल में महाआरती का आयोजन रखा गया। वह रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए। जिसमें महिला पुरुष एवं बच्चे भाग ले रहे हैं। वही चंवलेश्वर नवयुवक मंडल द्वारा सेवा दी गई।



