Deoli News 13 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जय गुरुदेव सत्संग मंडल की ओर से सोमवार को शहर के जयपुर रोड स्थित एक रिसॉर्ट परिसर में सत्संग आयोजित हुआ। इस मौके पर श्रद्धालुओं को धर्म का मार्ग बताया गया।
जानकारी के अनुसार उक्त सत्संग में सद्गुरु उमाकांत ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को शुद्ध शाकाहारी बनना चाहिए। मांसाहार व्यक्ति का भोजन नहीं है, यह तामसिक गुण बढ़ाने वाला है। इससे श्रद्धा व भक्ति घटती है। उन्होंने जीवो पर दया करने तथा उन्हें भगवत स्वरूप मानने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर जीव में परमात्मा का निवास है। उन्हें नहीं सताना चाहिए। इसी तरह उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रभु का सुमिरन करने, सत्संगी बनाकर धर्म के मार्ग पर चलने, लोगों को सत्संग की ओर मोड़ने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जीवन की श्वास हर क्षण घटती जा रही है। ऐसे में मनुष्य को हर क्षण का उपयोग प्रभु के सुमिरन के लिए करना चाहिए। तभी मानव जीवन सार्थक होगा। बताया गया कि सद्गुरु उमाकांत जयपुर में सत्संग करने के बाद यहां देवली पहुंचे। जहां हजारों अनुयायियों ने उनका स्वागत किया। सत्संग हॉल में करीब 2 हजार लोग शामिल हुए।
सुबह 9 से 11 बजे तक अनुयायियों ने बैठकर सत्संग सुना। इस दौरान गुरु उमाकांत ने लोगों को नशा मुक्ति व शाकाहारी बनने का प्रमुखता से संदेश दिया, जो जय गुरुदेव मंडल का प्रमुख उद्देश्य है। इसके बाद प्रसाद भंडारे का आयोजन भी हुआ।


