Deoli News 7 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर की विवेकानंद कॉलोनी स्थित पार्श्वनाथ धर्मशाला में चल रहे स्मृति परिवर्तन वर्षायोग-2025 के तहत प्रतिदिन मुनि प्रणीत सागर महाराज संघ के सानिध्य में सत्संग व प्रवचन हो रहे है।
नमोकार मंडल के सदस्य धर्मचन्द्र जैन (सांडला) एवं ओमप्रकाश जैन (टोरडी) ने बताया कि सुबह श्रुतशाला से शुरू होकर प्रवचन-गंगा एवं मध्यांतर की कक्षाओं से समाज को नई दिशा प्रदान करने का कार्य मुनि द्वारा किया जा रहा है। सोमवार को प्रवचन में मुनि ने धर्म का प्रभाव समझाते हुए श्रावकों को उनके कर्तव्य के बारे में बताया।
मुनि ने कहा कि यदि हम नित-प्रतिदिन हमारे रोजमर्रा के जीवन को व्यवस्थित बनाने वाले अवयव को धन्यवाद नहीं करते हैं, उनसे सहानुभूति नहीं रखते हैं तो हमारी मनुष्यता किस काम की है। उन्होंने कहा कि अमीर गरीब का भेद सूत्र के माध्यम से बताया और कहा कि सबसे गरीब वह है।जिसके पास मान (अहंकार) है, एवं सबसे अमीर वह जिसके पास सम्यक ज्ञान है। प्रवचन से पूर्व चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं मुनि के पाद प्रक्षालन दिनेश जैन (राजमहल) परिवार द्वारा किया गया। नित्य कक्षाओं में श्रावकों की नित वृद्धि हो रही है। वहीं 9 जुलाई को मुनि के चातुर्मास की स्थापना होगी एवं 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा।
मीडिया प्रभारी विकास जैन ने बताया कि जो भी जैन-अजैन व्यक्ति श्रावक व्याकरण के माध्यम से अपने ज्ञान की वृद्धि करना चाहता है, वह नित्य चलने वाली कक्षाओं में समय में विशेष ध्यान रखकर आ सकता है। यह कक्षा चातुर्मास स्थल पर ही संचालित हो रही हैं।



