देवली-उनियारा में मुकाबला त्रिकोणीय, हिंडोली में कांटे की टक्कर
राजेन्द्र बागड़ी, वरिष्ठ पत्रकार
Desk News 18 नवम्बर (दैनिक ब्यूरो डेस्क) देवली-उनियारा व सटे हिंडोली विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार व चुनावी सभाओं को दौर आखरी स्टेज में पहुँच गया है। दीपावली के बाद दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में बड़े नेताओं की आमसभा होने से अब माहौल रंगत में आ चुका है। देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय बन गया है। वहीं हिंडोली में कांटे की टक्कर में खेल मंत्री अशोक चांदना के पसीने छूट गए है। अब आने वाले 5 दिन दोनो ही विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक साबित होने वाले है।



यदि पार्टियों के उम्मीदवार इसी माहौल को 24 नवम्बर की रात तक यथावत रखने में कामयाब हुए तो चुनावी नतीजे बेहद अप्रत्याशित रहने की सम्भावना है। उल्लेखनीय है देवली-उनियारा में बीजेपी उम्मीदवार विजयसिंह बैंसला के समर्थन में देवली के अटल उद्यान में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बड़ी चुनावी सभा हो चुकी है, वहीं आरएलपी के उम्मीदवार विक्रमसिंह गुर्जर के समर्थन में हनुमान बेनीवाल व चंद्रशेखर की दूनी में चुनावी सभा हो चुकी है। जबकि अभी कांग्रेस प्रत्याशी हरीश चंद्र मीना चुनावी सभा कराने के मामले में पीछे है। हिंडोली विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी के पक्ष में भी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर ने हिंडोली में बड़ी चुनावी सभा हो चुकी है, वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी अशोक चांदना भी अपने क्षेत्र में बड़ी चुनावी सभा करवाने की कोशिश में जुटे है।

बहरहाल हिंडोली में पिछले दो चुनावों के बाद चांदना को पहली बार कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। हिंडोली, नैनवा क्षेत्र के मतदाता मौन जरूर है। लेकिन ये खामोशी बड़ा कुछ करके दिखाएगी, ऐसा लोगो का मानना है। अब प्रचार के लिए काफी कम समय बचा है। चुनाव प्रचार मतदान की 25 नवम्बर से 48 घण्टे पहले यानि, दो दिन पहले खत्म हो जाएगा। ऐसे में अब मात्र 4 दिन शेष बचे है। लिहाजा दोनो विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में समूची शक्ति झोंक दी है और शेष बचे गांवो, पंचायतों में लोगों से सम्पर्क में जुट गए है। लेकिन फिर भी कम समय मिलने से लग रहा है। प्रत्याशी कई गांवों में पहुँचने से रह जाएंगे।
राष्ट्रीय मुद्दों के साथ सूबे के मुद्दे भी उभरे
देवली-उनियारा व हिंडोली विधानसभा क्षेत्रों में अब चुनाव प्रचार की दिशा राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय मुद्दों पर आकर टिक गई है। आम मतदाता जगह जगह राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय ज्वलंत विषयों पर बहस करते नजर आते है। लोगों में उम्मीदवार की पेठ, व्यवहार, काम करने के तरीकों के साथ स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा करते दिखते है। खास बात ये है कि मतदाता अपना रुख प्रकट करने में फिलहाल हिचक रहे है। उनकी खामोशी कोई बड़ा गुल खिलाने वाली प्रतीत होती है। देवली-उनियारा में कांग्रेस के विधायक हरीश मीना के सामने अपनी सीट को यथावत रखने की कड़ी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। वहीं हिंडोली में दो बार लगातार विधायक रहे खेल मंत्री अशोक चांदना को अपनी प्रतिष्ठा बनाएं रखने के लिए जूझना पड़ रहा है।
अगले कुछ दिन अहम
विधानसभा चुनाव में अगले 4 से 5 दिन महत्वपूर्ण साबित होने वाले है। त्रिकोणीय व आमने-सामने के मुकाबले में मतदाताओं को अपना मानस तय करने के लिए महत्वपूर्ण होने वाले है। चुनावी माहौल अब निर्णायक स्थितियों में पहुँचने के लिए अब कुछ दिन शेष बचे है, जिससे अब सभी दलों के प्रत्याशियों के दिल मे धुकधुकी बड़ा दी है। ये हालत उन प्रत्याशियों के लिए ज्यादा चिंताजनक महसूस हो रही है, जो चुनाव में दूसरी बार फिर विधायक बनने के इंतजार में है। सत्ता विरोधी लहर का असर भी महसूस किया जा सकता है।



