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सादगी पूर्ण तरीके से मंदिर में किया विवाह
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अनोखी शादी
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हाई प्रोफाइल शादियों को दिखाया ठेंगा
@आशीष बागड़ी
Deoli News 18 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) ना घोड़ी ना बैंड बाजा और न ही लाइट डेकोरेशन, स्टेज प्रोग्राम। यदि इन सब के बिना शादी हो तो लोग अचंभित जरूर होंगे। यह मंगलवार को क्षेत्र के आंवा स्थित सुदर्शनोदय अतिशय क्षेत्र में हकीकत साबित हुआ है।
जहां शांतिधारा व अभिषेक के साथ चक्रवर्ती विवाह पद्धति से एक युगल की शादी हुई। वहीं यह युगल समाज के लोगों की मौजूदगी व भगवान को साक्षी मानकर वैवाहिक बंधन में बंधा। गौरतलब है कि आज के युग में हाई प्रोफाइल शादियों में जमकर दिखावा होता है। इन शादियों में करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, जिनका कोई औचित्य नहीं है। इस तरह की शादियां केवल अपने वैभव व प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए की जाती है। लेकिन मंगलवार को आवा स्थित सुदर्शनोदय जैन अतिशय क्षेत्र में दुनी निवासी पूर्व सरपंच लाभचंद बज के पौत्र अश्विनी कुमार बज का महज धार्मिक रीति रिवाज के साथ विवाह सम्पन्न हुआ। दरअसल अश्विनी का दुबई में बिजनेस है।
जिसका विवाह जयपुर जिले के फुलेरा निवासी महावीर प्रसाद बड़जात्या की पुत्री भूमिका के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान आंवा तीर्थ क्षेत्र में मूलनायक शांतिनाथ, पारसनाथ व आदिनाथ भगवान के सामने चक्रवर्ती जैन विवाह पद्धति से शादी हई। दूल्हे ने ना तो शेरवानी पहनी और न ही दुल्हन ने महंगे कपड़े। प्रथम भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा नवदंपति ने परिजनों के साथ किया। पं संजय शास्त्री ने बताया कि पुरातन काल में चक्रवर्ती विवाह होते थे। यह विवाह सबसे शुभ माने जाते थे। विवाह के साक्षी मूलनायक शांतिनाथ भगवान थे।



