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HomeDainik Bureau Desk...क्या होता है मास्टर प्लान, आसान भाषा में समझे

…क्या होता है मास्टर प्लान, आसान भाषा में समझे

नगर विकास के भविष्य की सम्भावनाओ का है रेखाचित्र


@राजेंद्र बागड़ी 

Deoli News 26 जून ( दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) वर्ष 2000 से 2023 तक के मास्टर प्लान की अवधि खत्म होने के बाद राज्य सरकार के नगर नियोजन विभाग ने फिर वर्ष 2024 से अगले 20 वर्षो के लिए नए प्रारूप का प्रकाशन किया है। यह प्रारूप अभी विचाराधीन है और करीब एक माह की अवधि में आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद ये दूसरा मास्टर प्लान विधिवत लागू हो जाएगा। दरअसल बढ़ते शहरों की आवश्यकताओं, सुविधाओं के हिसाब से इस प्लान की सरंचना की जाती है और भविष्य में आरक्षित जमीनों पर प्रावधानों के मुताबिक भूमि रूपांतरण होता है।

क्या है मास्टर प्लान जानिए

विकासशील शहरों के बढ़ते क्षेत्रफल को देखते हुए नगर नियोजन विभाग पूरे शहर की आबादी, जनसंख्या, व्यवसायिक स्थिति, वर्तमान भू उपयोग, आवासीय, व्यवसाय, उधोग, पंजीकृत औधोगिक इकाइयों, सामुदायिक सुविधाओं, शैक्षणिक, उद्यान- खुले स्थानों, जलापूर्ति, जल-मल निकास, विधुत, परिसंचरण आदि महत्वपूर्ण मुद्दों को ध्यान में रखकर एक खाका तैयार करता है। मास्टर प्लान में अगले दो दशक में शहर का विकास किस और हो गया?सड़कों की स्थिति कैसी होगी? जनसुविधाएं कैसी होगी? यातायात की हालत क्या होगी? बाजार किस तरफ होंगे? रोड कितने चौड़े होंगे? आमोद-प्रमोद के क्या संसाधन होंगे? आवासीय क्षेत्र, व्यवसायिक क्षेत्र कहां होंगे? ऐसी सुविधाओं के मद्देनजर नगर नियोजन विभाग ये प्लान तैयार करता है। इसे मास्टर प्लान कहते है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को नगर नियोजन विभाग अजमेर से आए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने मास्टर प्लान 2045 का प्रारूप प्रकाशित किया है। जिस पर आपत्तियां व सुझाव लिए जाएंगे।

मास्टर प्लान 2.0 में ज्यादा मशक्कत नही

चूंकि देवली शहर में वर्ष 2002 से 2023 तक एक मास्टर प्लान लागू हो चुका है। लिहाजा मास्टर प्लांट 2.0 में इसे बनाने के लिए नगर नियोजन विभाग को ज्यादा मशक्कत नही करनी पड़ी है। हाल में जो प्लान का प्रारूप आया है, उसमें बढ़ती आवश्यकताओं, बढ़ते बाजार, आबादी क्षेत्र की सम्भावनाओ के मद्देनजर भूमि का आरक्षण किया है। भूमि के उपयोग की जो श्रेणियों को निर्धारित की है, उन्हीं के मुताबिक नगरपालिका भूमि का रूपांतरण करेगी। इस मास्टर प्लान में मुख्य मार्गो को चौड़ाई बढ़ाई है तो सम्पर्क मार्गो को भी तरजीह दी है।

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मास्टर प्लान  2.0 में वहीं गांव शामिल

मास्टर प्लान 2.0 में फिलहाल कोई बड़ा रद्दोबदल नही दिखा है। पहले देवली नगरपालिका के अतिरिक्त, अम्बापुरा, दौलता, कूंचलवाड़ा, ऊंचा शामिल थे। वहीं स्थिति अब भी रहने वाली है। पेराफेरी यानि परिधि नियंत्रण पट्टी का मतलब है मास्टर प्लान की सीमा यानि उक्त पेराफेरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विकास पालिका के भू उपयोग परिवर्तन के बाद ही होगा। कृषि जमीनों का व्यवसायिक, आवासीय उपयोग भी कनवर्जन के पश्चात हो सकेगा। कहने का सीधा तात्पर्य ये है कि देवली के शहरी विकास की भावी सम्भावनाओ को देखते हुए जमीनों को श्रेणी गत किया गया है। हालांकि अभी एक माह की अवधि तक इस पर लोगों से आपत्तियों पर सुनवाई होगी और बाद निस्तारण पुनः मास्टर प्लान का प्रकाशन किया जाकर गजट प्रकाशन होगा, तब जाकर मास्टर प्लान विधिवत लागू होगा। 

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