Deoli News 13 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अध्यात्म और धर्म के मर्म को समझाते हुए दिव्य संत मुरारी बापू ने शनिवार शाम श्रद्धालुओं से कहा कि गुरु और प्रभु में अटूट विश्वास ही व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर अग्रसर करता है और एक साधक का जीवन अध्यात्म के पथ पर सफल होता है।
बापू ने यहां संत निवास पर आए लोगों कहा कि इस संसार में मां सरस्वती की कृपा से ही हर व्यक्ति का व्यापार और व्यवसाय चलता है। यहां तक कि संत और मुनि भी मां सरस्वती की कृपा से ही ज्ञान का अर्जन करते हैं। हर शक्ति जगदंबा से संचालित होती है, चाहे वह यंत्रो की हो या फिर शरीर में भोजन पचाने की। उन्होंने जीवन में भाव को सबसे महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान एक श्रद्धालु ने जिज्ञासा व्यक्त करते हुए पूछा कि गाय को चारा डालने के दौरान उसमें नन्हे जीव होने, चींटी को आटा डालने के बाद किसी का पैर पड़ने या किसी श्वान (कुत्ते) द्वारा आटा चाटने से जो अनिष्ट होता है, क्या उसका पाप लगता है? इस पर बापू ने स्पष्ट किया कि यह प्रकृति की लीला है। यदि कोई व्यक्ति अपने धर्म भाव से सेवा करता है और उस दौरान अनजाने में कोई अनिष्ट हो जाता है, तो श्रद्धा भाव के महत्व के कारण उसे पाप नहीं लगता। सेवा में श्रद्धा ही प्रधान है।
इस दौरान महेश नर्सिंग होम और महेश्वरम हॉस्पिटल के संचालक डॉ. महेश जिंदल, गायनिक डॉ. कल्पना जिंदल, न्यूरोसर्जन डॉ. राघव जिंदल और दैनिक ब्यूरो के संपादक आशीष बागड़ी ने संत निवास पहुंचकर मुरारी बापू के दर्शन किए और माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बापू ने यहां आए चिकित्सकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा एक अत्यंत पवित्र कार्य है। रोगी के साथ अच्छा व्यवहार करना और औषधि के साथ ही उसे उचित आहार-विहार का ज्ञान देना भी डॉक्टर का परम है। मोरारी बापू ने युवाओं में बढ़ रही नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि नशा न केवल आर्थिक रूप से व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि यह शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत घातक है।
बापू ने श्रद्धालुओं से कहा कि अपने गुरु और इष्ट में अटूट श्रद्धा ही व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर निरंतर आगे ले जाती है। इस दौरान घनश्याम दास महाराज, आयोजन से जुड़े रामलाल सेन, शिवराज चौधरी सहित श्रद्धालु उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि दिव्य मुरारी बापू यहां अटल उद्यान के टीनशेड में प्रतिदिन श्री राम कथा कर रहे हैं।


