हनुमान नगर थाने के पुलिसकर्मियों की ओर से अधिवक्ता के साथ मारपीट का मामला
Deoli News 12 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली के अधिवक्ता नरेंद्र मीणा के साथ हनुमान नगर पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद सुलझने के बजाय और अधिक पेचीदा होता नजर आ रहा है।
जिसके चलते शुक्रवार को दूसरे दिन भी देवली बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने देवली थाने के बाहर टेंट लगाकर अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा। अधिवक्ताओं का कहना है कि हनुमान नगर के दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के बजाय पुलिस प्रशासन मामले से अपना पल्ला झाड़ रहा है। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के वार्ता के दौरान अपनाए गए रवैये पर नाराजगी जताई है और उन पर डराने-धमकाने व रौब झाड़ने का आरोप लगाया है। इस स्थिति को देखते हुए देवली थाना परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, जहाँ एएसपी पुष्पेंद्र सिंह, डीएसपी हेमराज और देवली थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर सहित कई अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने अधिवक्ताओं के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एएसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस ने मामले की तकनीकी रूप से गहन जांच की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अधिवक्ताओं द्वारा बताया गया घटनास्थल ‘लवली होटल’ हनुमान नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, न कि देवली थाना क्षेत्र में। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विजय मार्बल जयपुर रोड वाली घटना के उल्लेख की भी जांच की गई और वहां के फुटेज खंगाले गए, जिसमें तकनीकी रूप से ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का तर्क है कि घटना उनके अधिकार क्षेत्र में न होने के कारण देवली थाने में रिपोर्ट दर्ज करना कानूनी रूप से संभव नहीं है। साथ ही पुलिस ने अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता या गलत लहजे में बात करने के आरोपों को निराधार बताया है।
अधिवक्ता राजेश जैन और संदीप काटिया का कहना है कि भले ही घटनास्थल देवली क्षेत्र में न आता हो, लेकिन पुलिस परिवादी की रिपोर्ट पर ‘जीरो नंबर’ की एफआईआर दर्ज करके आगे की कार्रवाई कर सकती है, लेकिन पुलिस ऐसा करने से बच रही है। अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात हुई इस घटना के बाद हनुमान नगर थाने के हेड कांस्टेबल सुनील और कांस्टेबल दीपेंद्र को लाइन हाजिर किया जा चुका है। लेकिन देवली के अधिवक्ता आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ देवली थाने में मुकदमा दर्ज करने की अपनी मांग पर हैं।



