Saturday, April 25, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeBjpउपचुनाव की सुगबुगाहट शुरू, बीजेपी ने बनाए विधानसभा प्रभारी

उपचुनाव की सुगबुगाहट शुरू, बीजेपी ने बनाए विधानसभा प्रभारी

देवली-उनियारा में एक-एक मंत्री व पूर्व मंत्री तथा दो पार्टी प्रदेश महामंत्री प्रभारी बनाए


Deoli News 2 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) कांग्रेस नेता हरिश्चंद्र मीणा के हाल ही में सांसद बनने के बाद देवली-उनियारा विधानसभा की सीट खाली हुई है। वहीं इस सीट पर अब उपचुनाव होंगे। इसकी सुगबुगाहट व तैयारी शुरू हो चुकी है।

यहां तक की भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में खाली हुई पांच विधानसभा क्षेत्र में अपने विधानसभा प्रभारी भी बना दिए है। इनमें देवली उनियारा में भी प्रभारी बनाए गए हैं। देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान सरकार में मंत्री हीरालाल नागर व पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ को प्रभारी बनाया है। इसी तरह पार्टी के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गोठवाल व ओम प्रकाश भड़ाना को भी देवली-उनियारा का प्रभारी बनाया है।

सैनी को दौसा प्रभारी बनाया

इसी तरह क्षेत्र के आवा निवासी पूर्व मंत्री व पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुलाल सैनी को दौसा का प्रभारी बनाया है। लिहाजा पांचो विधानसभा सीट अपनी झोली में लेने के लिए भाजपा ने तो तैयारी शुरू कर दी है। इधर, देवली उनियारा में पूर्व में स्थानीय सीट से टिकट लेने से वंचित रहे नेता एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं।

खासकर गुर्जर नेताओं व उनके समर्थको की सक्रियता इस बात को जाहिर कर रही है। इसकी एक वजह यह भी है कि बीजेपी हमेशा गुर्जर नेता को ही अपना प्रत्याशी बनाती आई है। लेकिन इस बार देखना यह होगा ? दरअसल गत वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्व विधायक राजेंद्र गुर्जर समेत कई नेताओं को दरकिनार कर गुर्जर नेता विजय बैसला को टिकट दिया। जिनकी टिकट मिलने से पूर्व तक कोई उम्मीद नहीं थी। लेकिन एनवक्त पर पार्टी ने बैंसला को अपना प्रत्याशी बनाया। वहीं पार्टी की यह रणनीति विफल रही तथा हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में बीजेपी इस बार सदे हुए कदमों से चुनाव लड़ेगी। उल्लेखनीय है कि पिछली बार के विधानसभा चुनाव में कई नेताओं ने स्थानीय व्यक्ति को टिकट देने का जोर-जोर से मुद्दा उठाया था। लेकिन पार्टी नेताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। ऐसी स्थिति में अब लोग देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र में फिर से पैराशूट नेता आने की बात कहने लगे हैं। उपचुनाव की चर्चा के साथ फिर से स्थानीयता का मुद्दा उठने लगा है। गत तीन दिन पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सभा को लेकर हुई बैठक में भी स्थानीय को टिकट देने के बाद सामने आई। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

%d