Thursday, April 16, 2026
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HomeSocial Newsगुरु पूर्णिमा पर्व को लेकर संशय, दान पुण्य का है महत्व

गुरु पूर्णिमा पर्व को लेकर संशय, दान पुण्य का है महत्व

तिथि को लेकर लोगों में है संशय की स्थिति


Deoli News 20 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा अहम पर्व है। इस आषाढ़ी पूर्णिमा व व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा का त्योहार गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध का प्रतिबिंब होता है।

खासकर इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। गुरु पूर्णिमा त्योहार की तिथि को लेकर इस बार भ्रम फैला हुआ है। गौरतलब है कि ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक गुरु पूर्णिमा 21 जुलाई को मनाई जाएगी औऱ बात की जाए 20 जुलाई की तो इस दिन आषाढ़ मास की चतुर्दशी है।

इस वजह से है भ्रम

दरअसल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 20 जुलाई शाम 5 बजकर 59 मिनट से होगी। जबकि 21 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन होगा। यही वजह है कि गुरु पूर्णिमा के लिए 20 या 21 जुलाई को लेकर भ्रम फैला हुआ है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो 21 जुलाई को ही गुरु पूर्णिमा की मनाई जाएगी। पूजा मुहूर्त 21 जुलाई के दिन सुबह 5 बजकर 46 मिनट के बाद से दोपहर 3 बजकर 46 मिनट तक पूजा कर सकते हैं। बता दें कि ज्योतिषियों, पंचांग से संग्रहित कर यह जानकारी दी जा रही हैं।

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