सप्तमी पर है ठंडे पकवान सेवन की परम्परा
Deoli News 20 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शीतला सप्तमी का पर्व शुक्रवार को है। वहीं इस अवसर पर बनने वाले राँधा पुआ की तैयारी गुरुवार दोपहर से शुरू हो गई है। यह पर्व माता शीतला को समर्पित है, जिन्हें बीमारियों से बचाने वाली देवी माना जाता हैं।
दरअसल राँधा पुआ एक पारंपरिक व्यंजन है, जो शीतला सप्तमी के अवसर पर बनाया जाता है। यह एक प्रकार का मीठा पकवान है, जो गेहूं के आटे, चीनी, और घी से बनाया जाता है। शीतला सप्तमी के मौके पर पुआ, पकौड़ी, राबड़ी, मीठा ओल्या, नमकीन ओल्या दही बड़े, नमकीन पापड़ी आदि व्यंजन बनाए जाते हैं। जिसे शीतला माता के भोग लगाकर शुक्रवार को ग्रहण किया जाएगा। हर बार सप्तमी के मौके पर लोग ठंडा भोजन ही करते हैं। यह स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। राँधा पुआ का महत्व शीतला सप्तमी के पर्व में बहुत अधिक है। यह पर्व माता शीतला को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा, लोग इस पर्व पर अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर ठंडे पकवानों का आनंद लेते हैं।
देवली में छतरी चौराहा स्थित शीतला माता मंदिर में शुक्रवार सुबह महिलाएं ठंडे पकवान का भोग लगाकर परिजनों की स्वास्थ्य, सुख समृद्धि की कामना करेंगी।


