Deoli News 10 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) धर्म शास्त्रों के अनुसार इस वर्ष सूर्य देव माघ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, 14 जनवरी बुधवार को दोपहर 3:05 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि इसी के साथ मलमास समाप्त हो जाएगा और विवाह आदि शुभ कार्यों का शुभारंभ होगा।
संक्रांति का पुण्यकाल और दान-पुण्य का समय सुबह 8:40 से लेकर सायंकाल सूर्यास्त तक रहेगा। इस वर्ष संक्रांति का वाहन बाघ और उपवाहन घोड़ा है, जबकि नक्षत्र नाम मंदाकिनी है। ज्योतिष गणना के अनुसार यह संक्रांति शासन वर्ग, प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायाधीशों और मंत्रियों के लिए विशेष रूप से शुभ व उन्नति कारक रहेगी, जिससे जन-कल्याण की नई योजनाएं बनेंगी। हालांकि, उद्योगपतियों और व्यापारिक वर्ग के लिए यह समय मध्यम रहने के संकेत हैं। संक्रांति का गमन पश्चिम दिशा की ओर है और इसकी दृष्टि वायव्य कोण पर होने से पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में कुछ कष्टप्रद स्थितियां बन सकती हैं। बाबूलाल शास्त्री के अनुसार, वस्तुओं के भाव में भी परिवर्तन देखने को मिलेगा।
विशेषकर घी, मूंग, मोठ, हल्दी, सरसों, मसाले, गुड़ और चीनी के भावों में वृद्धि हो सकती है, वहीं गेहूं और अन्य अनाजों के भाव स्थिर रहने की संभावना है। राशि प्रभाव की बात करें तो मिथुन, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों के लिए यह संक्रांति शुभ रहेगी, जबकि कर्क, तुला और मीन राशि वालों को विशेष लाभ प्राप्त होगा। वृषभ, कन्या और कुंभ के लिए प्रभाव मध्यम और मेष, सिंह व धनु राशि वालों के लिए न्यूनतम फलदायक रहेगा। दोष निवारण हेतु इस दिन गरीबों को अन्न, तिल-गुड़, पीले वस्त्र और तांबे के बर्तनों का दान करना फलदाई माना गया है।



