Deoli News 25 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर शनिवार शाम जेबकतरों ने वारदात को अंजाम दिया है। दरअसल विवेकानंद कॉलोनी निवासी रमेश चंद, किशन गोपाल और ओमप्रकाश मित्तल की माता लाड़ देवी के निधन के बाद, उनके पुत्र तोताराम व पंकज और कमलेश मित्तल अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार जाने हेतु बूंदी डिपो की बस में सवार हो रहे थे।
परिजन मुकेश मित्तल ने बताया कि इसी दौरान बस में भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने तीनों जनों की जेबों से कुल 10 हजार रुपये पार कर दिए। बस में चढ़ने के बाद जब पीड़ितों ने अपनी जेब संभाली, तब उन्हें इस चोरी का पता चला। सूचना मिलने पर यातायात पुलिस के हेडकांस्टेबल राम भंवर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। हैरानी की बात यह रही कि पीड़ितों ने जब सहायता के लिए देवली थाना पुलिस के लैंडलाइन नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो वहां से केवल ‘आउट ऑफ ऑर्डर’ का कंप्यूटर रिप्लाई मिलता रहा।

जिससे समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी जा सकी। काफी देर तक पुलिस के मौके पर न पहुंचने के कारण हरिद्वार जाने वाले यात्री बस के साथ रवाना हो गए और परिजन भी निराश होकर घर लौट आए।
देवली डीएसपी को दी गई सूचना
लोगों द्वारा मामले की जानकारी देवली डीएसपी हेमराज को दिए जाने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। स्थानीय लोगों ने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि यहाँ नियुक्त हेड कांस्टेबल की ड्यूटी शाम तक थी, लेकिन वे कथित तौर पर लापरवाही बरतते हुए शाम 4 बजे ही बस में बैठकर अपने गांव के लिए रवाना हो गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के समय से पहले चले जाने के कारण यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे रही।
लेकिन यह नहीं सुधरेंगे…
इसके साथ ही बस स्टैंड पर वारदातें बढ़ने का एक मुख्य कारण बसों के आते ही खाद्य विक्रेताओं का अनियंत्रित तरीके से बसों पर झपटना भी है। जैसे ही कोई बस आती है, कचोरी, पकौड़ी, पोया, कोल्ड ड्रिंक, जूस समेत सामान बेचने वाले विक्रेता भीड़ मचाते हुए गेट पर जमा हो जाते हैं, जिससे पैदा होने वाली धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर जेबकतरे आसानी से वारदातों को अंजाम दे देते हैं। पूर्व में रोक के बावजूद स्थिति फिर से जस की तस बनी हुई है। थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर का कहना है कि वे मामले को दिखवाते हैं।



