इस बार नौतपा 25 मई से होगा शुरू
Deoli News 12 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) क्षेत्र में मंगलवार को सूर्यदेव ने अपने रौद्र रूप के दर्शन कराए, जिससे पूरी देवली तहसील मानों आग की भट्टी में तब्दील हो गई। मौसम विभाग की सटीक भविष्यवाणी के अनुरूप दोपहर होते-होते पारा 42 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू गया।
आसमान से बरसती इस आग ने न केवल सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिया, बल्कि बाहर निकलने वाले राहगीरों के शरीर में भी तेज जलन पैदा कर दी। आलम यह था कि सीधी धूप शरीर पर पड़ते ही त्वचा झुलसने का अहसास होने लगा, जिससे लोग बुरी तरह बेहाल नजर आए। इससे पहले सुबह से ही गर्मी के तेवर कड़े थे। महज 11 बजे ही तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था, जो दोपहर एक बजे 41 डिग्री और 2 बजे अपने चरम यानी 42 डिग्री पर पहुंच गया। इस भीषण गर्मी के चलते शहर के मुख्य बाजारों की चहल-पहल कम रही। जो लोग मजबूरीवश बाहर निकले, वे भी पूरी तरह एहतियात बरतते नजर आए।
लोग चेहरे पर सफेद गीला अंगोछा लपेटे दिखे, तो महिलाएं और युवतियां दुपट्टे, स्कार्फ, चुन्नी व चश्मों से खुद को ढककर धूप से बचती नजर आईं। लोग थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीकर प्यास बुझाते और पेड़ों या दुकानों की छांव में सुस्ताते देखे गए। सबसे विकट स्थिति स्कूली बच्चों की रही, जिन्हें दोपहर की इसी झुलसाने वाली गर्मी के बीच स्कूल से घर लौटना पड़ा। भीषण गर्मी का असर केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि घरों के भीतर भी साफ महसूस किया गया। छतों पर रखी टंकियों का पानी खौलने लगा है, जिससे नलों से भी गर्म जल की धारा बह रही है। महज कुछ मिनट के लिए पंखा, कूलर या एसी बंद होते ही शरीर पसीने से तर-बतर हो रहा है और लू के थपेड़े लोगों की बेचैनी बढ़ा रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक इसी प्रकार की प्रचंड गर्मी और लू चलने का रेड अलर्ट जारी किया है।
राहत की उम्मीद कम है…
राहत की उम्मीद फिलहाल कम है। दरअसल वर्ष 2026 का ‘नौतपा’ अभी आना शेष है। आगामी 25 मई सोमवार से सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसके बाद 2 जून तक चलने वाले इन 9 दिनों में गर्मी अपने सबसे भयावह स्तर पर होगी। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने आमजन को दोपहर के समय घरों में रहने और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।



