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देवली के लोगों को मिल सकती है एक और बड़ी राहत!
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क्या बदल गया फैसला?
Deoli News 5 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली में रोडवेज बस स्टैंड के भविष्य को लेकर चल रही अनिश्चितता अब शायद एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। शहर के बीचों-बीच स्थित इस बस स्टैंड को अन्यत्र स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के बाद उपजे जनाक्रोश और हाल ही में उप-जिला अस्पताल की भूमि पर नए भवन का टेंडर निरस्त होने के बाद स्थानीय लोगों में यह विश्वास जागा है कि उनकी मांगों की सुनवाई हो रही है।

दरअसल व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का संयुक्त विरोध अब रंग लाता दिख रहा है, जिससे बस स्टैंड के अपने वर्तमान स्थान पर ही बने रहने की प्रबल संभावना बन गई है। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से मिल रहे संकेतों के अनुसार अब बस स्टैंड को कहीं और ले जाने के बजाय इसी स्थान पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के निदेशक द्वारा जिला कलक्टर को भेजे गए पत्र में स्थानीय विधायक की अनुशंसा को आधार बनाया जा सकता है। इस प्रस्तावित योजना के तहत बस स्टैंड को मौजूदा स्थल पर ही विकसित करने की सिफारिश हो सकती है, जिससे न केवल क्षेत्र के निवासियों की मंशा पूरी होगी, बल्कि शहर के यातायात और यात्री सुविधाओं में भी सुधार आएगा।
नामांतरण की प्रक्रिया और समाधान की राह
फिलहाल बस स्टैंड के इसी स्थान पर यथावत बने रहने के लिए एक तकनीकी समाधान की चर्चा भी जोरों पर है। वर्ष 1964 से नगर पालिका के अधीन संचालित इस भूमि का मालिकाना हक अब राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के नाम दर्ज करवाने का आग्रह किया जा सकता है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यदि भूमि का यह नामांतरण निगम के पक्ष में हो जाता है, तो बस स्टैंड के स्थाई तौर पर यहीं बने रहने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
इससे वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणाओं का लाभ भी स्थानीय जनता को इसी स्थल पर मिल सकेगा। बता दें कि गत दिनों जब निगम द्वारा जिला कलक्टर को 7 हजार वर्ग मीटर भूमि आवंटन का पत्र लिखने के बाद शहर में काफी विरोधाभास पैदा हो गया था। हालांकि, अब स्थितियां बदल रही हैं और विरोध के स्वर सहयोग में परिवर्तित होते दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे मौजूदा बस स्टैंड का विस्तार और सुविधाओं में वृद्धि चाहते हैं। लोगों ने इसे लेकर पिछले दिनों भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर को आग्रह किया था। उसे दौरान स्थानीय विधायक की अनुशंसा और लोगों की भावनाओं का ध्यान रखने के लिए मंत्री ने जिला कलक्टर को कहा था। लिहाजा इसमें सफलता मिल सकती है या मिल गई है।
प्रशासनिक और राजनीतिक तालमेल से यह स्पष्ट है कि देवली के रोडवेज बस स्टैंड का मामला अब अपने समाधानकारी चरण में है, जिससे न केवल विवाद का अंत होगा। वहीं बस स्टैंड का विकास भी सुनिश्चित हो सकेगा। एक जानकारी गोपनीय तौर पर सामने आई है।



