सरकारी सड़क निर्माण की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों की लूट का आरोप
@मोहम्मद आजाद नेब
Jahazpur News 18 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) ग्राम पंचायत पीपलूंद में निर्माणाधीन बाईपास सड़क परियोजना विवादों में घिरती नजर आ रही है। वहां के ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर चारागाह भूमि और अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों से कथित रूप से मिट्टी, पत्थर और ग्रेवल निकालकर सड़क निर्माण में उपयोग करने के आरोप लगाए हैं।
प्राकृतिक संसाधनों का हो रहा है दुरुपयोग
पूर्व उपसरपंच सावन टाक समेत ग्रामीणों का कहना है कि इसमें सरकारी परियोजना की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, जबकि संबंधित विभाग कार्रवाई के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव की गोचर भूमि से लगातार मिट्टी निकाले जाने के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे चारागाह का स्वरूप बिगड़ रहा है और पशुओं के लिए चराई की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं जेसीबी समेत मशीनों की मदद से अरावली की पहाड़ियों को काटकर पत्थर एवं ग्रेवल निकाले जाने का भी आरोप है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि सड़क निर्माण के लिए मिट्टी और ग्रेवल की खरीद का बजट स्वीकृत होने के बावजूद स्थानीय चारागाह भूमि और पहाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है, जो गलत है। मिट्टी के लिए खोदे गए गड्ढे और सड़क किनारे पड़े मिट्टी के ढेर इस बात के गवाह है।
“नियमों की अनदेखी का आरोप”
उनका आरोप है कि निर्माण लागत कम करने के उद्देश्य से सरकारी नियमों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। वहीं इसका विरोध करने के लिए ग्रामीण चंदा एकत्र कर रहे हैं, ताकि प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचकर इसकी शिकायत की जा सके। वहीं प्रशासन को भी इसकी जांच करनी चाहिए।



