जिले की 4 सीटों पर विधायको की प्रतिष्ठा दांव पर
चर्चाओं का दौर जारी
Deoli News.29 नवम्बर ( दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) 30 नवम्बर को तेलगांना में विधानसभा चुनाव सम्पन्न होते ही विभिन्न मीडिया घरानों की ओर से करवाए गए एक्जिट पोल के परिणाम टीवी स्क्रीन पर दिखाए जाने लगेंगे , हालांकि ये सिर्फ अनुमान होंगे यथार्थ रिजल्ट्स तो 3 दिसम्बर को ही आएंगे।
लेकिन फिर भी प्रदेश के रुझान का एक मोटा अनुमान तो लोगों को लगेगा कि सूबे में आखिर किसकी सरकार बनने के चांस होंगे। 25 नवम्बर को मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम मशीनें कड़े प्रहरे में है और पूरे जिले की 4 विधानसभा सीटों पर अबकी बार कौन जीतेगा, इस पर चर्चाओं का दौर जारी है। किसके हिस्से में जीत आएगी और किसको हार मिलेगी ये फिलहाल नैपथ्य में है। इस बार कांग्रेस दिग्गज नेता सचिन पायलट-अजीत मेहता टोंक, हरीशचंद्र मीना- विजय बैंसला देवली-उनियारा, कन्हैयालाल चोधरी-घासीलाल चोधरी, रामसहाय वर्मा-प्रशांत बैरवा समेत कई नए पुराने उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम में बंद है।
मोटे तौर पर इन चुनावों में साइलेंट वोटिंग ने सभी उम्मीदवारों की गणित गड़बड़ा दी है। सब अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे है लेकिन असलियत में कौन विजेता होगा, ये ईवीएम तय करेगी। सब उम्मीदवारो के अपने दावे है। लेकिन मतदाता ने आखिर किसे वोट किया है, इसका अंदाजा लगाना फिलहाल सबके लिए मुश्किल हो गया है। चुनाव के ठीक दो दिन पूर्व मतदाताओं के मौन ने ये तय कर दिया था कि इस बार वोटिंग भी मौन ही होगी और हुआ भी यहीं। यही वजह रही कि मतदाता मुखर नही हुआ लिहाजा रिजल्ट्स भी अप्रत्याशित होंगे। ये सही है कि इस बार जातिवाद जबरदस्त चला।
मतों का जातिवाद के आधार पर ध्रुवीकरण हुआ। लेकिन असल मे सामान्य जातियों की सोच क्या रही ये 3 दिसम्बर को ईवीएम मशीनों से निकलेगा। देवली-उनियारा से विधायक हरीश मीना, टोंक से विधायक सचिन पायलट, मालपुरा से विधायक कन्हैयालाल चोधरी व निवाई से विधायक प्रशांत बैरवा पर अपनी सीट बरकरार रखने की कड़ी चुनोती है। जिले में तीन कांग्रेस व एक बीजेपी के विधायक है। अब नए सिरे से क्या बदलाव होगा, ये देखना दिलचस्प होगा।



