@आशीष बागड़ी
Deoli News 9 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के दशहरा मैदान के पास से गत मंगलवार रात चुराई गई ” टाटा हैरियर” कार बिना किसी तकनीक जानकर के चुराना कतई संभव नही थी। टाटा कम्पनी की ये हाईटेक कार करीब 21 लाख की कीमत की है।
सब आधुनिक संसाधनों, सुरक्षा मापदंडों से परिपूर्ण ये कार महज 8 से 10 मिनि के भीतर चोरी हो जाना वाकई कम्पनी के लिए भी और ग्राहकों के लिए भी चिंता की बात है। कार में ” सेंसर” लगे हुए होते है, ऐसे में कार संदेहास्पद व्यक्ति की पहचान जरूर करता है और यदि कार के सिस्टम्स को तनिक ये भी भनक लग जाएं तो अलार्म बजने लगता है। इस चर्चित मामले की पड़ताल में सामने आया कि चुराई गई कार डैशबोर्ड पर लगे बटन से स्टार्ट होती है। यदि कोई संदेहास्पद व्यक्ति कार को स्टार्ट करने की कोशिश करता है, तो कार में लगे सेंसर उसकी तत्काल पहचान कर अलार्म बजाना शुरू करते है।
टाटा मोटर्स से जुड़े लोगों कि हैरियर कार करीब तीन साल से बिक रही है और आज तक देवली शहर में ऐसी कोई शिकायत नही आई, जिसके अंतर्गत कार चोरी चली गई हो। यह घटना अपने-आप में चकित करने वाली है। इस मामले में कम्पनी के तकनीकी अधिकारियों से जानकारी की तो पता चला कि जयपुर महानगर में भी कुछ महीनों पहले ऐसी कुछ वारदाते घटित हुई है। जिसकी कम्पनी के एक्सपर्ट ने जांच की थी। कार चोरी के जारी फुटेज में मकान के बाहर एक व्यक्ति पिछली सीट वाले विंडो के शीशे के साथ छेड़छाड़ करता नजर आता है। उक्त चोर कुछ मिनटों में पिछली सीट वाली विंडो के शीशे को हटाते हुए दिखता है।
फिर वह चोर राइट साइड में ड्राइविंग सीट पर बैठकर स्टार्ट करने की कोशिश करता है तो कार का अलार्म बजने लगता है। फुटेज के मुताबिक कार चोर लगातार अलार्म बजने के बावजूद उसे चलाकर आदर्श स्कूल की पिछली सड़क से होटल द्वारका के सामने से होते हुए फिर गौशाला रोड से निकल जाता है। ऐसा अनुमान है। सबसे अहम बात ये भी देखने मे आई कि कार चोर के निकलते ही कुछ क्षणों के बाद एक संदेहास्पद दूसरी कार उसके पीछे-पीछे जाती नजर आती है। जो सम्भवतः कार चोर गिरोह के साथियों की प्रतीत होती है। ये शंका इसलिए मजबूत होती है कि देर रात को अलार्म बजने के बावजूद पिछली कार वालों ने इस कारगुजारी को देखकर कोई टोकाटोकी नही की ओर न शोर मचाकर सावधान करने का प्रयास किया।
जाहिर है कार चोर गिरोह में और भी साथी थे और वे अपने साथी की मदद के लिए कुछ दूर अपनी कार में प्रतीक्षा कर रहे थे। टाटा मोटर्स की ओर से वाहन खरीदने वाले मालिक को कार की दो चाबियां दी जाती है, जिन शख्स की कार चोरी हुई है, उनके पास दोनो चाबियां मौजूद है। ऐसे में सहज सवाल उठता है कि कार चोर ने बिना चाबी के कार को कैसे स्टार्ट किया? हालांकि कार के सिस्टम ने संदेहास्पद स्थिति को तो “ट्रेक” कर लिया, तभी तो अलार्म बजता गया। लेकिन कार चोर ने उसे बिना चाबी के कैसे स्टार्ट किया ये पहेली बना हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि बिना चाबी के कुछ मिनटों में कार को स्टार्ट करने की विधा किसी एक्सपर्ट की कारगुजारी हो सकती है, जो किसी कॉपी साफ्टवेयर की सहायता से ऐसी घटना को अंजाम देने में सफल रहा।
उक्त कार चोरी की घटना से ये जाहिर हो गया है कि हाईटेक कारो की चोरी भी अब चोरों के लिए आसान काम बन गया है।
प्रीवियस न्यूज़
वीडियो देखें : देवली से चोर महज 11 मिनट में चुरा ले गया 21 लाख की लग्जरी कार


