ब्लैक स्पॉट पर अब जल्दी पहुचेगी एम्बुलेंस
Desk News 27 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल के नवाचार को भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना केन्द्र ने सराहा है। इसमें जिला सूचना केन्द्र एवं चिकित्सा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
दरअसल गत माह 27 जुलाई को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं रोड सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक में सड़क दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट के आस पास ही मेडिकल एम्बुलेंस की तैनाती का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत जो एम्बुलेंस पूर्व में पुलिस थाना निवाई में थी उसे झिलाई मोड़ निवाई में तैनात किया गया। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दूनी में तैनात एम्बुलेंस को सरोली मोड़ पर स्थानान्तरित किया गया।
पहले एम्बुलेंस को संभावित दुर्घटना ब्लैक स्पॉट के पास पहुंचने में 20 मिनट का समय लगता था, अब यह समय 3 से 5 मिनट रह गया है। इससे दुर्घटना में गम्भीर रुप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल तक पहुंचाकर उनकी जान बचाने की संभावना में इजाफा होगा। बैठक में मौजूद डीआईओ सुशील अग्रवाल ने बताया कि जिला सूचना केन्द्र के डीआरएम मोहम्मद आतिफ खांन ने इंटीग्रेटेड रोड़ एक्सीडेन्ट डाटाबेस (आई रेड) के माध्यम से एम्बुलेंस की रिपोजिशन का सुझाव दिया था। टोंक जिले में एम्बुलेंस की रिपोजिशन करने के बाद नागौर व दौसा जिले में इसे लेकर पहल की गई।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने संयुक्त रुप से जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं रोड सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक ली। इस दौरान जिला कलक्टर ने इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेन्ट डाटाबेस (आई रेड) की रिपोर्ट के अनुसार जिले में एम्बुलेंस की तैनाती के लिए टोंक जिले द्वारा पहल किए जाने पर सड़क सुरक्षा कमेटी को बधाई दी। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग 52 व 552 पर रट्स, डिवाइडर, मिडियम कट, अनाधिकृत कट, रम्बल स्ट्रीक आदि को सुधारने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए। सुड़क सुरक्षा के प्रति युवाओं में जागरुकता लाने के लिए शिक्षा विभाग के एडीईओ सीताराम साहू को विद्यार्थियों के लिए जागरुक्ता केम्प एवं कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसी तरह हाईवे पर पशुओं के जमावड़े से होने वाले हादसे को रोकने के लिए एनएचएआई ओर डीटीओ को पशुओं के रिफलेक्टर लगाने के निर्देश दिए।


