नशे की बड़ी खेप पकड़कर युवाओं की रगों में जहर घुलने से रोका!
@आशीष बागड़ी
Deoli News 18 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) हमेशा मीडिया व लोगों की आलोचना का शिकार होने वाले पुलिस यदि अच्छा काम करें तो उसकी प्रशंसा भी होनी चाहिए। शुक्रवार को देवली थाना पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ़ स्ट्राइक कर यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता। थानाधिकारी दौलतराम गुर्जर और उनकी टीम की पैनी नजरों ने 600 ग्राम स्मैक की वह खेप बरामद की है।

जो अगर बाजार में पहुंच जाती तो न जाने कितने युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर देती और कितने परिवारों को तबाह कर देती। पुलिस की इस तत्परता की निश्चित रूप से सराहना की जानी चाहिए, उन्होंने केवल ड्रग्स नहीं पकड़ी, बल्कि देवली के भविष्य को अंधकार में जाने से रोक लिया है। नशे का यह काला कारोबार शहर में अपराध की नर्सरी बन चुका है। हालांकि इस कार्रवाई से यह व्यापार नहीं थमेगा, लेकिन नशे के सौदागरों में भय व्याप्त होगा और निश्चित रूप से अंकुश लगेगा। स्मैक की लत के कारण ही आज शहर का युवा वर्ग निर्माण अधीन घरों से तार चोरी करने, बोरिंग की केबल काटने, साइकिल मोटरसाइकिल चोरी और छोटी-मोटी चोरियों जैसी वारदातों में लिप्त हो रहा है। बाद में यही आदत उन्हें बड़ा अपराधी बना देती है। नशे की एक पुड़िया के लिए अपराधी अपने शौक पूरा करने के चक्कर में संगीन अपराधों की ओर बढ़ रहा है। शहर में खाली पड़े पुराने भवन, बड़े भूखंड इन नशे के शौकीन लोगों की शरण स्थल बने है। यहां तक की यह लोग रात को शमशान को भी नहीं छोड़ते। यहां भी नशेड़ी अपना शौक पूरा करने पहुंच जाते हैं। जिसका अंदाज़ यहां पड़ी काफी मात्रा में सिरिंज से लगाया जा सकता है।
ऐसे में महिला आरोपी राजराणी और उसकी बेटी की गिरफ्तारी ने उस मुख्य स्रोत पर प्रहार किया है, जहां से यह जहर शहर की गलियों में फैल रहा था। इतनी भारी मात्रा में स्मैक और लाखों की नकदी का मिलना यह दर्शाता है कि नशे के सौदागर मानवता के दुश्मन बन चुके हैं। करीब सवा करोड रुपए की स्मेक ने लोगों की आंखें खोल दी है। आखिर इतनी बड़ी राशि की नशीली खेप इन्होंने कैसे और कहां से ली है, यह भी जांच का विषय है। इन्हें न तो युवाओं के गिरते स्वास्थ्य की चिंता है और न ही समाज के विनाश की। इन्हें सरोकार है तो सिर्फ चंद रुपयों के लालच से। देवली पुलिस ने पूर्व में भी गांजा और स्मैक तस्करों को पकड़कर अपनी सजगता दिखाई है। लेकिन देवली पुलिस का टारगेट अब यही थमना नहीं चाहिए, बल्कि इस बात का भी पता लगाना चाहिए कि यह खेप देवली तक कौन और कैसे ला रहा है।
लेकिन इस ताजा कार्रवाई ने पुलिस का इकबाल बुलंद कर दिया है। इस सफलता के लिए थानाधिकारी दौलतराम और पूरी टीम वाकई प्रशंसा की हकदार है। पुलिस की वजह से आज सैकड़ों युवाओं की रगों में जहर पहुंचने से थमा है।


