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Homeविधानसभा चुनाव 2023चुनावी माहौल पर" दीपावली" व देवउठनी के सावो की छाया भारी!

चुनावी माहौल पर” दीपावली” व देवउठनी के सावो की छाया भारी!

15 नवम्बर के बाद आएगा ” उबाल”, विधानसभा चुनाव 

Deoli News 8 नवम्बर ( दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) विधानसभा चुनाव के तहत यूं तो नामांकन भरने व सवीक्षा के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और गुरुवार 9 नवम्बर को नामांकन वापस लेने की आखरी प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।

इसके बावजूद अभी तक देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र व इससे सटे हिंडोली विधानसभा क्षेत्रों में फिलहाल प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार पर दीपावली के त्यौहार व देवउठनी के सावों की छाया पड़ रही है। हालांकि चुनावी चर्चाएं आकाश नापने लगी है। लेकिन गांवों, कस्बो, शहरों में चुनावी प्रचार अभी उतना जोर नही पकड़ पाया है, जिसकी उम्मीद थी। इसकी साफ वजह दीपावली के त्यौहार व किसानों का खेतों में जुटना है। देवउठनी एकादशी पर चूंकि ब्याह- सावों के खाते भी खुलने है। लिहाजा चुनावों पर 23 नवम्बर तक इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

अब मतदान में महज 16 दिन का समय बचा है जिनमे भी 5 दिन तक चलने वाला दीपावली का त्यौहार है वहीं 23 नवम्बर को ब्याह- सावो की भरमार भी रहनी वाली है।ऐसे में अगर चुनाव प्रचार का समय देखें तो करीब 6 से 8 दिन ही चुनाव प्रचार की दृष्टि से अहम साबित होने वाले है। व्यापारी वर्ग भी सालाना सीजन में जुटे है। कुल मिलाकर अभी तक चुनावों की गर्मी नही बन पा रही है। गांवों में भी हालत कुछ ऐसे ही प्रतीत हो रहे है। किसान सरसों, चने की फसलों की पिलाई में जुटे है तो कुछ खेतों के काम मे व्यस्त है। चुनावी चर्चाओं का दौर यद्यपि आसमान पर है लेकिन ये भी अभी जलपान, जूस, होटलों तक सीमित है। गांवों की चोपाले अभी गुलजार होना शेष है। चर्चाओ में अभी फार्म दाखिल करने वाले प्रत्याशियों के वजन की नापतोल हो रही है। कौन प्रत्याशी वज़नदार है और कौन हल्का है, इसकी लोग अपने हिसाब से कयास प्रस्तुत कर रहे है।


बिना शोर-शराबे के इस चुनाव में जातिगत आंकड़ो को लेकर भी लोग अपने हिसाब से चर्चा करते दिखाई देते है। देवली- उनियारा में सबसे ज्यादा चर्चा दोनो पार्टियों के उम्मीदवारों के साथ चुनाव में निर्दलीय तौर पर दम ठोक रहे उम्मीदवार पर ज्यादा हो रही है। फिलहाल देवली- उनियारा में स्थिति उतनी स्पष्ट नही है। यहां लोग चुनाव में आरएलपी के उम्मीदवार की भी चर्चाएं हो रही है। बीजेपी, कांग्रेस के उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चाओं का दौर चल रहा है। ऐसे में चुनावों की स्थिति बेहद अटपटी है।

हिंडोली के मुकाबले की चर्चा अहम

देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र से सटे हिंडोली विधानसभा की चर्चाएं क्षेत्र में इसलिए हो रही है कि देवली उपखण्ड के आवा निवासी व पूर्व में दो बार कृषि मंत्री रह चुके डॉ. प्रभुलाल सैनी चुनाव लड़ रहे है। सैनी वर्ष 2008 में हिंडोली से चुनाव जीत चुके है। इस बार उनके सामने निवर्तमान खेल मंत्री अशोक चांदना मैदान में है। लेकिन हिंडोली विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां नजर आ रही है। इन दिनों बड़े पैमाने पर कार्यालयों के उदघाटन के साथ गांवों में जनसम्पर्क का दौर चल रहा है। जातिगत समीकरणों की दृष्टि से करीब 55 हजार माली मतदाता, इतने ही गुर्जर मतदाता, 34 हजार मीणा मतदाता होने से अशोक चांदना को सैनी से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

गुर्जर व माली बहुल सीट होने के कारण यहां चुनाव की गरमाहट महसूस की जा सकती है। लेकिन समय कम रहने से सभी प्रत्याशी पूरी ताकत से जुटे हुए है।

Dainik Bureau Desk
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