पीपलूंद के ग्रामीणों ने दिया कलक्टर के नाम ज्ञापन
Jahazpur News 12 फरवरी (आज़ाद नेब) राजनीतिक द्वेषता के चलते हकदार व गरीबों का नाम जानबूझकर के नहीं जोड़ने ओर ऐसे व्यक्तियों का नाम जोड़ा जा रहा है जो बाहर रहते हैं। वहीं बाहर अन्य व्यवसाय में जुड़कर के कार्य कर रहे हैं और उनके नाम पर मस्टरोल में श्रमिक के तौर पर दर्शाया जा रहा है। यह कहना है ग्राम पीपलूंदवासियों का, जिन्होंने सोमवार को उपखंड अधिकारी दामोदर सिंह को जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत पीपलूंद में सरकार द्वारा चलाई जारी नरेगा योजना के तहत कुछ गांव में नरेगा के तहत कार्य चल रहे हैं। लेकिन ग्राम पंचायत के सचिव सरपंच एवं मेट की मिली भगत के चलते नरेगा के लिए कार्य करने के लिए उपयुक्त बेरोजगार, निर्धन श्रमिकों का नाम नरेगा मस्टरोल में नहीं जोड़ा जा रहा है। जबकि ऐसे व्यक्तियों का नाम जोड़ा जा रहा है, जो बाहर रहते हैं, बाहर अन्य व्यवसाय में जुड़कर के कार्य कर रहे हैं। उनके नाम पर मस्टरोल में श्रमिक के तौर पर दर्शाया जा रहा है। जबकि नरेगा कार्य के हकदार गरीबों का नाम जानबूझकर के नहीं जोड़ा जा रहा है। आम व्यक्ति द्वारा गलत व फर्जी कार्य की आपत्ति या विरोध किया जाता है, सरपंच, सचिव द्वारा धमकाया जाता है। उपसरपंच द्वारा इस मामले में सरपंच को आपत्ति दर्ज कराई तो भी सरपंच द्वारा उपसरपंच के साथ गाली गलौज कर उन्हें गलत एवं झूठे मुकदमा में फसाने की धमकी दी गई।
सरपंच वेदप्रकाश खटीक का कहना है कि किसी भी व्यक्ति ने पंचायत में नरेगा के लिए आवेदन किया है। उसको नरेगा योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है। कुछ लोग आमजन भड़का रहे है। आज भी पंचायत में नरेगा योजना के लिए आवेदन लिए जा रहे है।


