पिकअप की टक्कर से एक गौसेवक घायल हुआ
Deoli News 3 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के जयपुर चुंगी नाका के समीप रविवार रात स्थानीय गौसेवकों ने अपनी जान की बाजी लगाकर 9 गोवंश को बचाया है। जिन्हें तस्करी कर पिकअप में ले जाया जा रहा था।
लेकिन गौसेवकों की योजना के सामने तस्कर की योजना विफल रही। जानकारी के अनुसार स्थानीय गौसेवकों को सूचना मिली कि नेगडिया क्षेत्र की जंगलों में कुछ लोग पिकअप में गोवंश भरा रहे हैं। सूचना पर गौसेवक एकत्रित हुए तथा मौके पर जाने लगे। इससे पहले सूचना आई कि यह पिकअप देवली के लिए रवाना हो गई। इस पर टोंक गौरक्षा दल के जिलाध्यक्ष नीरज मीणा ने अपनी गाड़ी से पिकअप का पीछा किया। वहीं, देवली में सूचना पर जयपुर चूंगी नाका के करीब मां बीजासन गौशाला, श्री सांवरिया सेठ ग्वाला गौशाला व भगत सिंह गौशाला के करीब दो दर्जन गौसेवक पहले से खड़े थे।
जिन्होंने पिकअप को आते ही रोकने का प्रयास किया। लेकिन चालक ने गौसेवकों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इसमें मां बीजासन गौशाला से जुड़े परमेश्वर खटीक के पैर में चोट आई है। वह घायल हो गए। जिन्हें बाद में देवली के निजी चिकित्सालय में उपचार लेना पड़ा। वही गौसेवकों ने घेरा डालकर पिकअप को रोक लिया तथा एक तस्कर को पकड़कर देवली पुलिस को सूचना परमेश्वर खटीक ने बताया कि पिकअप में 9 गौवंश था। इसमें एक गोवंश कूद कर भाग गया। जबकि शेष 8 गोवंश को सार्वजनिक गौशाला सुरक्षित भिजवाया है। इस दौरान गौसेवक अंकित, रोहित सोयल, लोकेश ग्वाला, संदीप वर्मा, पवन गोयल समेत मौजूद थे।
देवली से गोवंश ले जाना हुआ मुश्किल
उल्लेखनीय है कि देवली व आसपास में संचालित गौशालाओं के गौसेवको की तत्परता की वजह काफी वक्त से गोवंश तस्करी पर रोक लगी है। अब तक इन गोसेवकों ने कई बार गोवंश से भरे वाहन पकड़े हैं तथा उनके तस्करों को पुलिस को सुपुर्द किया है। ऐसे में गौसेवकों के सामने तस्करों की एक नहीं चल रही है। लिहाजा देवली से गोवंश की तस्करी करना मुश्किल हो रहा है। गोसेवकों की सूचनाओं व घेराबंदी से अब तक कोई वाहन बचकर नहीं निकला है। इसके लिए गोसेवकों ने अपनी जान की बाजी भी लगा दी।



