Deoli News 20 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अटल उद्यान के पास स्थित हजरत गफ्फार अली शाह बाबा के यहां सोमवार को उर्स मनाया गया। इस मौके पर मनमोहक कव्वालियों की प्रस्तुति दी गई। वही कव्वालियों के माध्यम से समाज को प्रेम, मोहब्बत का संदेश दिया गया।
कव्वालों ने “ख्वाजा पिया यह तेरी अता, तेरे दर पर आज मेरी हाजरी हो गई, आदमी आदमी से मुहब्बत करे, चाहे हिंदू हो या मुसलमान हो, ख़त्म हो मन्दिर मस्जिद के झगड़े, दिल से एक दूसरे के लिए मुहब्बत रहे, नज़्म की इन पंक्तियों को बीती रात मशहूर कव्वाल सुल्तान नाज़ा द्वारा अपने स्वर दिए गए। कव्वालियों से पांडाल गंगा जमुना तहजीब की खुशबू से महक उठा। कव्वाल सुल्तान नाज़ा ने महफ़िल कव्वाली में ऐसा शमा बांधा की श्रोता अक़ीदतमद रातभर पूरी रात सूफियाना माहौल में झूमते रहे। एक और नज़्म लहू अपना दे दू चमन के लिए, मेरी जान जाए वतन के लिए प्रस्तुत से पूरा पांडाल देशभक्ति मय हो गया। लोगो ने कव्वाल सुल्तान नाज़ा के स्वर में सुर मिलाते हुए धर्ममय माहौल बना दिया। नाज़ा ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम पेश किए। उर्स कार्यक्रम में हारून रंगरेज, मोहम्मद इदरीश, इरफ़ान, इमरान, बंटी क़ुरैशी, शमी अमन रंगरेज, मुज़फ्फर रियाज़ आदि से साथ सर्वधर्म समाज के लोग मौजूद थे।
शाम को लंगर प्रसादी कार्यक्रम भी हुआ। कुल शरीफ़ की रस्म के साथ दो दिवसीय उर्स शरीफ़ का समापन हुआ।


