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जेतपुरा बांध छलकने के करीब
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गम्भीरी डेम 15 फीसदी खाली
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मातृकुंडिया डेम फिलहाल खाली
Deoli News 26 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) हालांकि बीते दो दिन शनिवार, रविवार को मेवाड़ व उदयपुर संभाग हुई वर्षा के कारण बेड़च, मैनाली, कोठारी नदियां बहाव पर है। लेकिन सोमवार सुबह चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा में वर्षा का दौर थमने से एक बार असमंजस पैदा हो गया है।
यद्दपि कोठारी बांध, गोवटा बांधो के छलकने से त्रिवेणी पर गेज लगातार बढ़-घट रहा है। लेकिन रविवार की स्थिति देंखे तो बीसलपुर डेम के आरएल 314 मीटर के आंकड़े को छूने में फिलहाल कोई अतिश्योक्ति नही है। सवाल इससे ऊपर डेढ़ मीटर का है। यानि 315.50 के आंकड़े को छूने में वक्त लग भी सकता है और नही भी लग सकता है। ताजा हालात के मुताबिक बीसलपुर डेम के कैचमेंट में कपासन के पास बना मातृकुंडिया बहुत खाली पड़ा है। ये डेम बनास नदी पर बना है। निम्बाहेड़ा के पास बना गम्भीरी डेम फिलहाल 15 फीसदी खाली है।
जबकि मांडलगढ़ का जेतपुरा बांध करीब-करीब छलकने को हैं। कैचमेंट एरिया का बारिश का औसत देखें तो करीब 60 से 100 एमएम बरसात हुई है। इस सीजन में त्रिवेणी का गेज अधिकतम 4.30 मीटर तक चला है। यदि सोमवार को कैचमेंट एरिया में फिर से बरसात का यहीं दौर चला तो फिर बीसलपुर डेम के भरने की संभावना बनेगी। अन्यथा मामला नजदीक भी आकर ठहर सकता है। हालांकि त्रिवेणी से हो रही जलावक के चलते उम्मीद की जारही है कि मंगलवार तक डेम आरएल 314 मीटर के आंकड़े को छू सकता है। लेकिन पूर्ण जलभराव 315.50 तक डेढ़ मीटर का आंकड़ा हमेशा चुनौती पूर्ण रहा है, इसका कारण 314 मीटर से 315.50 मीटर तक आने में करीब 8 टीएमसी पानी की जरूरत होगी, जो कि करीब 23 फीसदी है। डेम में 313.50 मीटर की लाइन छूने के बाद बीसलपुर डेम में जल विस्तार 60 फीसदी तक बढ़ जाता है।
लिहाजा महत्वपूर्ण ये है कि त्रिवेणी एक बार पूरे शबाब पर आए। आंकड़ो के विश्लेषण से जब तक त्रिवेणी 5 मीटर से ऊपर करीब 24 घण्टे तक नही चली तो बीसलपुर डेम के छलकने की संभावना कम रह जाएगी। गौरतलब है डेम की हाइड्रोलॉजी के मुताबिक बीसलपुर डेम 10 साल में तीन बाए पूर्ण भरेगा। बीते 19 वर्षो में ये 5 बार भर चुका है। आंकड़ो को सही माने तो इस बार 20 वे वर्ष में इसके भरने की संभावना है।



