Deoli News 11 नवम्बर ( दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) इस माह 25 नवंबर को विधानसभा चुनावों के लिए होने वाले मतदान में अब सिर्फ 13 दिन बचे है, 14 वे दिन मतदान है। ऐसे में चुनावों में खड़े उम्मीदवारों के पास समय कम बचा है। लिहाजा गांवो, शहरों में दीपावली की रौनक भले रहे।
लेकिन उम्मीदवारों की अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों से जनसम्पर्क कर उन्हें अपने पक्ष में वोट करने की कवायद जारी रहने वाली है। दीपावली एक बेहतर मौका भी होगा। दिवाली के राम-राम करने का। इस मौके को ज्यादातर उम्मीदवार भुनाने की कोशिश कर रहे है। हालांकि 20 नवम्बर से 23 नवम्बर तक देवउठनी एकादशी के ब्याह-शादियों के सावे भी चुनाव प्रचार में बाधा बन रहे है। लेकिन इसे भी उम्मीदवार “कन्यादान” के रूप में भुनाना चाहेंगे।
देवली- उनियारा, हिंडोली, जहाजपुर विधानसभा क्षेत्रों से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक चाहे बीजेपी, कांग्रेस हो या अन्य उम्मीदवार हो, वे गांवो में जनसम्पर्क करेंगे और अपने-अपने क्षेत्र के मतदाताओं से दीपावली की “राम-राम” कर सीधा संपर्क कायम करने की कोशिश करेंगे। हालांकि ये वक्त त्यौहार का होगा और लोग इसमें व्यस्त भी रहेंगे। लेकिन उम्मीदवारों की सोच है कि इस बहाने वे अपने पक्ष में माहौल तैयार करने की रणनीति बनाएंगे।
देवउठनी एकादशी के मौके पर सावों की इतनी भरमार तो देखने मे नही आ रही है। लेकिन इसके बावजूद ” कन्यादान” करने के बहाने प्रत्याशियों व उनके प्रतिनिधियों की ओर से ब्याह में आए क्षेत्र के मतदाताओं से सम्पर्क बनाने का प्रयास करेंगे। इसी तरह 15 नवम्बर को भाई- दूज का पर्व खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत जोरोशोरो से मनाया जाता है। परम्परा के मुताबिक भाई अपनी विवाहित बहनों के ससुराल में जाकर वस्त्रों की पहरावनी करता है।
ये पर्व प्रायः एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के लोगों में मनाया जाता है। ये पर्व भी उम्मीदवारों के लिए खास रहने वाला है। इस अवधि में विचारों का आदान प्रदान होगा, जो हार जीत की गणित बिगाड़ने व बनाने में अहम रहेगी।


