Deoli News 9 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर की पार्श्वनाथ धर्मशाला में श्रेयांशनाथ भगवान के मोक्षकल्याणक पर्व और उपसर्ग निवारक रक्षाबंधन पर्व का आयोजन मुनि प्रणीत सागर महाराज और क्षुल्लक विधेय सागर के सानिध्य में मनाया गया।
इस मौके पर मुनि को 51 फ़ीट की राखी भेंट की। विकास जैन ने बताया कि इस अवसर पर आदिनाथ मंदिर से अरिहन्त परमेष्ठी श्रेयांशनाथ भगवान की प्रतिमा को नवयुवकों ने अपने मस्तक पर विराजमान कर बैंड बाजों से सज्जित जुलूस के साथ पार्श्वनाथ धर्मशाला लाया गया। यहां सभी श्रावकों ने अभिषेक किया और शांतिधारा के लिए पात्रों का चयन बोली द्वारा किया गया। शांतिधारा के बाद मुनि के पादप्रक्षालन और भगवान के निर्वाण के लड्डू की बोली हुई। छोटे-छोटे बालक-बालिकाओं द्वारा 700 मुनियों के उपसर्ग निवारक नाटिका का मंचन किया गया। निर्वाण लड्डू चढ़ने के बाद मुनि प्रणीत सागर ने सभा को आशीर्वचन देते हुए रक्षाबंधन का महत्व बताया और कहा कि यह पर्व धर्म की रक्षा का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि उज्जैन नगरी में राजा बलि द्वारा 700 दिगम्बर मुनिराज पर उपसर्ग किया गया था, जिसका निवारण विष्णु कुमार मुनि द्वारा किया गया था। देवली जैन समाज ने श्रेयांशनाथ भगवान के मोक्षकल्याणक पर्व और 700 मुनियों के उपसर्ग निवारक रक्षाबंधन को उत्साह से मनाया। कार्यक्रम का संचालन चन्द्रप्रभु मंडल के पंकज सर्राफ, मनीष बंसल, महावीर, लक्की सर्राफ, आशीष, मुकेश, मुकेश, आशु, पार्थ, रजत ने किया।



