Deoli News 2 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नवरात्र में आयोजित दुर्गा महोत्सव के तहत गुरुवार को देवली की बंगाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से ‘सिंदूर खेला’ का आयोजन किया।
विजय दशमी पर मां दुर्गा सेवा समिति द्वारा आयोजित इस भावुक कार्यक्रम में, महिलाओं ने मां दुर्गा को विदाई देने से पहले उन्हें सिंदूर अर्पित किया। सिंदूर खेला की परंपरा के तहत, महिलाओं ने एक-दूसरे के गाल और माथे पर सिंदूर लगाकर बधाई दी और मंगलगीत गाए। यह रस्म पति की लंबी उम्र और खुशहाल परिवार की कामना के लिए निभाई जाती है। मान्यता है कि दशमी के दिन मां दुर्गा अपने मायके से ससुराल लौटती हैं, जिसे यादगार बनाने के लिए सिंदूर खेला होता है। इस दौरान हर सुहागन, मां से अपने सुहाग की लंबी उम्र का आशीर्वाद मांगती है।
समिति के सलाहकार डॉ. अशोक मंडल ने बताया कि दुर्गा पूजा के अंतिम दिन सिंदूर खेला का विशेष महत्व है, जो पूरे आयोजन को भक्तिमय बना देता है। इसके साथ बंगाली कॉलोनी में सप्तमी से चल रहे दुर्गा पूजा महोत्सव का भी समापन हुआ। इस आयोजन में दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष शंकर सरकार, उपाध्यक्ष प्रवीण मंडल, सचिव अमर दास, बाबू विश्वास, उपसचिव शंकर पोद्दार, राजू विश्वास, पुजारी प्रसाद चक्रवर्ती, रमेन पाल तथा मां आरती में रोबिन भक्त सहित मौजूद थे। शुक्रवार को विसर्जन शोभायात्रा आयोजित होगी।



