Deoli News 29 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की यौमे पैदाइश के अवसर पर देवली शहर स्थित शाही जामा मस्जिद के चौक, भिश्ती मोहल्ला में जलसा-ए-सीरतुन्नबी का आयोजन किया गया।
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समाज के प्रवक्ता मोहम्मद इदरीश, हारुन अंसारी और मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के सदर अख्तर खान ने बताया कि कार्यक्रम में रंगों, नूर और निकहत से सराबोर माहौल के बीच बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में यूपी से आए मुफ़्ती महफूज़ तहसीनी मुख्य अतिथि थे, जबकि उत्तराखंड से आए हाफ़िज़ कारी नावेद बरकाती विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर शाही इमाम रज़ा वास्ती नने रहमतुल आलमीन हुजूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को हर परिस्थिति में जीवन में अपनाने का संदेश दिया। देवली शाही जामा मस्जिद के नायब इमाम साकिब रज़ा मदनी ने कहा कि नबी-ए-करीम दुनिया में केवल जश्न के लिए नहीं, बल्कि एक महान मिशन लेकर आए थे। उन्होंने दया, करुणा, समानता और एकता का संदेश देकर मानवता को नई राह दिखाई।
जलसे में छोटे बच्चों ने हुजूर की शान में नात-ए-पाक पेश की। कार्यक्रम का समापन दुआ-ए-खास के साथ हुआ। इस दौरान वतन की खुशहाली, अच्छी वर्षा, बेहतर अर्थव्यवस्था, शांति, अमन और विश्व कल्याण के लिए दुआ की गई। जलसे में समाज के लोगों के साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित थे।


