Deoli News 16 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) पर्युषण पर्व (दशलक्षण महापर्व) पर मुनि वैराग्य सागर महाराज एवं मुनि सुप्रभ सागर महाराज के सानिध्य में श्रावक संस्कार शिविर शुरू हो चुका है। शिविर में 100 से अधिक शिविरार्थी भाग ले रहे हैं।
अंकित जैन ने बताया कि दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार बुधवार से शुरू हुए दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म मनाया गया। उत्तम क्षमा को क्रोध का त्याग, आत्मशुद्धि और जीवन में शांति की साधना का माध्यम माना गया है। महापर्व के पहले दिन मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। मूलनायक भगवान महावीर स्वामी का प्रथम अभिषेक निर्मल कुमार एवं पवन कुमार पाटनी ने किया। भगवान महावीर स्वामी की प्रथम शांति धारा एवं संध्याकालीन आरती का लाभ डॉ. विमल कुमार एवं देशबंधु अजमेरा ने प्राप्त किया। भगवान महावीर स्वामी की द्वितीय शांति धारा विमल सोगानी ने की। भगवान शांतिनाथ स्वामी की शांतिधारा का लाभ राजकुमार एवं दीपांशु अजमेरा ने प्राप्त किया। भगवान पारसनाथ की दोनों ओर की शांतिधारा संजय कुमार एवं अक्षत काला परिवार ने प्राप्त की।
शिविर के दौरान श्रावकों को धार्मिक संस्कार, संयम, तप और आत्मशुद्धि से जुड़े विषयों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है। दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ उत्तम क्षमा सहित दस धर्मों की आराधना की जाएगी।


