एक महिला सहित 17 जने घायल, पुलिस जाप्ता मौजूद
Jahazpur News 8 अगस्त (आज़ाद नेब) वर्षों से दो गांवों के बीच चले आर रहे विवाद के गुरुवार को लाठी भाटा जंग में तब्दील हो गया। मामला मनोहरपुरा ग्राम पंचायत स्थित रतनपुरा तालाब की चादर की मरम्मत एवं ऊंचाई बढ़ाने को लेकर हुआ।इस दौरान छीतरपुरा व रतनपुरा के ग्रामीणों मे आपस मे भीड़ गए जिसमें एक महिला सहित 17 जनें घायल हो गए।

महिला को गंभीर रूप घायल होने से भीलवाड़ा रेफर किया गया। दोनों पक्षों ने काछोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। तहसीलदार रवि कुमार मीणा ने बताया कि रतनपुरा तालाब की चादर के मामले को लेकर वहां के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत से गुहार लगाई थी। जिला कलक्टर के निर्देशों की पालना में नायब तहसीलदार बलवीर सिंह, पटवारी गोविंद मौके पर गए। वहां पर चादर पर सीमेंट कांक्रीट का कार्य चालू था। यह कार्य मनरेगा योजना के अंतर्गत स्वीकृत है। ग्राम रतनपुरा एवं छीतरपुरा के इस आपसी विवाद के कारण आपस मे ग्रामीण उलझ गए। शक्करगढ़ व काछोला पुलिस मौके पर मौजूद रही।
यह है विवाद की वजह
गौरतलब है कि रतनपुरा तालाब की चादर की मरम्मत एवं ऊंचाई बढ़ाने को लेकर रतनपुरा के ग्रामीणों ने अर्जी दी थी। इस मामले को लेकर जिला कलक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत ने जहाजपुर के स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए। जिस पर गत 3 अगस्त को तहसीलदार रवि कुमार मीणा, विकास अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा, सहायक अभियन्ता रामप्रसाद मीणा, मनोहरपुरा ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत ने रतनपुरा तालाब का निरीक्षण कर मौका पर्चा बनाया गया। यहां ग्रामीणों से विचार विमर्श किया गया। इसमें मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि यदि इस मानसून सत्र में बारिश ज्यादा होती है तो तालाब के टूटने की आशंका रहती है। लिहाजा इसे जल्दी से जल्दी मरम्मत किया जाएं। मौके पर उपस्थित लोगों के द्वारा बताया गया कि पूर्व में चादर जिस ऊंचाई पर थी। उसी ऊंचाई पर रखा जाए एवं ऊंचाई कम नहीं की जाए और न हीं बढ़ाई जाएं। लिहाजा दोनों गांव में ऊंचाई बढ़ाने को लेकर विवाद हुआ।
उक्त कार्य मनरेगा योजना के अंतर्गत स्वीकृत है एवं पूर्व में मरम्मत करवाने के लिए दीवार के ऊपर टूटी हुई सीमेंट कांक्रीट को हटा दिया गया एवं दोनो ओर का प्लास्टर हटा दिया गया एवं सीमेंट कांक्रीट का कार्य शुरू कर दिया गया था। उस समय भगूनगर पंचायत के छीतरपुरा ग्राम के लागों द्वारा मरम्मत कार्य को रुकवा दिया गया था। दीवार की ऊंचाई कम करने की मांग की गई। ग्राम रतनपुरा एवं छीतरपुरा के आपसी विवाद के कारण कार्य बन्द कर दिया गया था।
उस समय 6 मई सहायक अभियन्ता एवं अतिरिक्त विकास अधिकारी द्वारा मौका निरीक्षण करके यह सुनिश्चित किया गया था कि दीवार की पूर्व की ऊंचाई जमीन तल से 0.85 मीटर, जो पुरानी दीवार की ऊंचाई थी वही ऊंचाई रखी जाएं।


