Wednesday, April 22, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeHealth newsस्टेट न्यूज़ : प्रदेश में नहीं हुई एक भी मौत हीट स्ट्रोक...

स्टेट न्यूज़ : प्रदेश में नहीं हुई एक भी मौत हीट स्ट्रोक से, 27 व 28 मई को होगी उच्च स्तरीय बैठक

भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार डेथ ऑडिट कमेटी करती है हीट स्ट्रोक से मौतों की रिपोर्टिंग


Desk News 25 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रदेश में अब तक हीट स्ट्रोक से एक भी मृत्यु रिपोर्ट नहीं हुई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा संस्थानों में आने वाले सभी रोगियों को समुचित उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही अस्पतालों में लू-तापघात से संदिग्ध एवं कन्फर्म्ड मृत्यु की रिपोर्टिंग के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

डेथ ऑडिट कमेटी द्वारा भारत सरकार के प्रोटोकॉल में निर्धारित मानकों के अनुसार जांच के बाद ही हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इस प्रोटोकॉल के अनुसार प्रदेश में फिलहाल एक भी मौत हीट स्ट्रोक के कारण रिपोर्ट नहीं हुई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने शनिवार को मुख्य सचिव द्वारा विभिन्न विभागों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रदेश में एक मार्च 2024 से 25 मई को सुबह 10 बजे तक चिकित्सा संस्थानों में आपातकालीन स्थिति में करीब 82 हजार रोगी आए। इनमें से 2 हजार 243 रोगी हीट स्ट्रोक के थे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रदेश में अभी तक हीट स्ट्रोक से एक भी मौत प्रमाणित नहीं हुई है। विभाग द्वारा प्रोटोकॉल में निर्धारित मानकों के अनुरूप ही डेथ ऑडिट की जा रही है। कोटा और जयपुर में एक-एक मौत लू-तापघात से संदिग्ध श्रेणी में मानी गई थी, डेथ ऑडिट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इन दोनों मौत को भी हीट स्ट्रोक के कारण नहीं होना पाया है।

सिंह ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों की जांच के लिए निर्धारित पैरामीटर की जानकारी सभी चिकित्सा संस्थानों को दी है। साथ ही लू-ताप से होने वाली मौतों की सूचना आईएचआईपी पोर्टल पर इन्द्राज करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रदेश में लू-तापघात की स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा संस्थानों में दवा, जांच एवं उपचार आदि के समुचित प्रबंध किए गए हैं। हीटवेव से पीड़ित रोगियों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। हीटवेव प्रबंधन एवं मौसमी बीमारियों की राज्य, जोनल, जिला एवं खण्ड स्तर से प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। मौसमी बीमारियों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए नवाचार करते हुए ओडीके एप के माध्यम से रिपोर्टिंग की जा रही है।

24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने हीटवेव प्रबंधन एवं मौसमी बीमारियों की स्थिति को लेकर वीसी में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। कोई भी व्यक्ति स्टेट कंट्रोल रूम के दूरभाष नम्बर 0141-2225000 पर सम्पर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकता है। इसके अतिरिक्त हैल्प लाइन नम्बर 1070 तथा 104 एवं 108 आपातकालीन एम्बूलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। चिकित्सा संस्थानों को तात्कालिक आवश्यकताओं जैसे पंखे, कूलर, एसी, वाटर कूलर आदि के लिए आरएमआरएस में उपलब्ध फंड का युक्तिसंगत उपयोग करने के निर्देश दिए।

 27 व 28 मई को होगी उच्च स्तरीय बैठक

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर प्रदेश में हीटवेव प्रबंधन एवं मौसमी बीमारियों को लेकर 27 एवं 28 मई को उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा करेंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 27 मई को आयोजित बैठक में राज्य स्तर के साथ ही जोनल स्तर के अधिकारी हीटवेव प्रबंधन एवं मौसमी बीमारियों के संबंध में की गई तैयारियों एवं गतिविधियों से अवगत कराएंगे। इसी प्रकार 28 मई को चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

%d