Deoli News 30 जुलाई दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली शहर के पीने के पानी की व्यवस्था को छोड़कर देवली को राज्य के सालाना बजट में कोई खास नही मिला। गौरतलब रहे देवली-उनियारा सीट पर विधानसभा के उपचुनाव जल्द होने है।
लेकिन क्षेत्र की सबसे पुरानी मांग एसीजेएम व एडीजी कोर्ट खोलने, शहर की पुरानी मंडी में गौण मंडी शुरू करने जैसी मांगो पर सरकार ने कोई ध्यान तक दिया। दोनों मांगे क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण थी। इसको लेकर पखवाड़े से अभिभाषक संघ ने क्रमिक आंदोलन, देवली शहर बंद भी किया। लेकिन ताज्जुब की बात है सरकार ने उपेक्षा ही की और बजट में कोई घोषणा नही की। देवली कोर्ट में सिविल, क्राइम समेत करीब तीन हजार से अधिक मुकदमे विचाराधीन है। नॉर्म्स के हिसाब से एक हजार प्रकरणों पर ही एसीजेएम कोर्ट खोलने का प्रावधान है।
लेकिन क्षेत्र के लोगों की मांगों पर सरकार ने कोई ध्यान नही दिया। नई कृषि मंडी के बाद शहर की पुरानी मंडी बेकार पड़ी है। मंडी कोटा रोड पर स्थानांतरित होने के बाद शहर के बाजार पर बुरा असर पड़ा। व्यापारियों की मांग थी कि खाली पड़ी मंडी को गौण मंडी का दर्जा देकर शहर के बाजारों के लिए ऑक्सीजन दी जा सकती है, लेकिन इसका भी सरकार पर कोई असर नही पड़ा। शहर अभिभाषक काफी समय से अनशन पर है, कोर्ट, तहसील, एसडीएम कोर्ट का काम ठप्प पड़ा है, लोगो का असुविधा हो रही है लेकिन सरकार मस्त है। यह मुद्दे आमजन को प्रभावित करते है। यदि इनका जल्द निराकरण नही हुआ तो आसन्न उपचुनाव में सीधा असर पड़ना स्वाभाविक है। उल्लेखनीय है कि अभिभावा संघ देवली पहले ही कोर्ट नहीं तो वोट नहीं की चेतावनी दे चुका है।
न्यायिक बहिष्कार पर चल रहे अधिवक्ता घोषणाओं से निराशा है। देवली के अधिवक्ता कमलेश वैष्णव ने बताया कि फिलहाल यह विरोध प्रदर्शन आगामी 2 अगस्त तक बढ़ाया गया है।


