Monday, September 7, 2026
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फूल-माला, साफा, बैंड-बाजे, दुपट्टा और हवन-पूजन… अंतिम दिन झोंकी पूरी ताकत

बैंड-बाजों के साथ निकली रैलियां, माला-साफा से स्वागत


Deoli News 7 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नगर पालिका चुनाव में प्रचार के अंतिम दिन सोमवार को प्रत्याशियों ने मतदाताओं को साधने में पूरी ताकत झोंक दी। निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान से 48 घंटे पूर्व प्रचार-प्रसार पर रोक के चलते सोमवार को वार्डों में जनसंपर्क रैलियों, जनसभाओं और प्रचार का दौर अपने चरम पर रहा।

इस दौरान प्रत्याशियों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पारंपरिक के साथ नए और आकर्षक प्रचार के तरीके भी अपनाए। शहर के करीब 70 प्रतिशत से अधिक वार्डों में प्रत्याशियों ने अंतिम रूप से जनसंपर्क रैलियां निकालीं। पसीने से तरबतर प्रत्याशी अपने समर्थकों, परिजनों और महिलाओं के साथ वार्डों में पहुंचे। कई जगह बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों, मसक बैंड की धुनों के बीच रैलियां निकाली गईं। प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और कई स्थानों पर मतदाताओं को साफा पहनाकर सम्मानित करते हुए अपने पक्ष में मतदान की अपील की गई। प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने धार्मिक स्थलों पर भी पहुंचकर पूजा-अर्चना की और जीत की कामना की। कहीं प्रत्याशियों ने मंदिर में मत्था टेका तो कहीं हवन-यज्ञ और आरती के आयोजन किए गए। इसके अलावा समर्थकों के साथ जगह-जगह स्वागत और सम्मान के कार्यक्रम भी हुए। वार्ड 12 के कांग्रेस प्रत्याशी सौरभ जिंदल और वार्ड 17 की प्रत्याशी चंद्रकांता को समर्थकों ने फलों से तोला।

दिनभर शहर के विभिन्न वार्डों में बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई देती रही। ई-रिक्शा के माध्यम से प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार और अनाउंसमेंट किया गया। वहीं प्रत्याशियों ने घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क साधने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। खास तौर पर उन वार्डों में प्रत्याशियों और समर्थकों ने अधिक जोर लगाया, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच आमने-सामने का मुकाबला माना जा रहा है। जिन वार्डों में आधा दर्जन से अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं, वहां भी सभी प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को साधने में जुटे रहे। निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार शाम 6 बजे के बाद रैली, जनसभा और सार्वजनिक रूप से चुनाव प्रचार का दौर थम गया। वही मतदाताओं की चुप्पी भी बरकरार है, जिसका खुलासा मतगणना के बाद होगा। फिलहाल अब प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से मतदाताओं से संपर्क साधना होगा।

प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद सार्वजनिक प्रचार या नियमों का उल्लंघन करने पर निर्वाचन विभाग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। कुल मिलाकर प्रचार के अंतिम दिन फूल-माला, साफा, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों से लेकर हवन-पूजन तक प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने और जीत का माहौल बनाने में पूरी ताकत लगा दी।

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