(यूजफुल इनफॉरमेशन)
Deoli News 8 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी, राजकीय आयुर्वेद औषधालय देवली डॉ. पीएल जांगिड़ के अनुसार बारिश के मौसम में नम और आर्द्र परिस्थितियाँ हमारे शरीर पर प्रभाव डालती हैं। इस मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है।
जिससे पाचन संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। शरीर में अम्लता भी बढ़ जाती है, जिससे पेट दर्द, उल्टी, दस्त, पीलिया, रक्ताल्पता, एसिडिटी, सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार सहित समस्याएँ हो सकती हैं। लिहाजा इस मौसम में विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
बारिश के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेदिक आहार
डॉ. जांगिड़ ने बताया कि इस मौसम में अपने आप को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। इसमें मूंग दाल आसानी से पचने वाली और पौष्टिक होती है। इसी तरह पुराना चावल पाचन में मदद करता है। जौ और गेहू अनाज पाचन में सहायक होते हैं। पौष्टिक सूप और हर्बल चाय शरीर को सुकून प्रदान करते हैं। वहीं ताजा और पका हुआ भोजन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। इसके अलावा गर्म करने के बाद ठंडा हुआ पानी उपयोग में लेने से स्वास्थ्यवर्धक रहता है।
बारिश के मौसम में परहेज भी रखे
इस मौसम में भारी, तले हुए और अत्यधिक मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। बासी भोजन और कच्ची सब्जियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, दिन में सोना, नदी के जल का सेवन, व्यायाम और धूप के सेवन से भी बचना चाहिए। नियमित रूप से साबुन से हाथ धोना, विशेषकर खाने से पहले, और अपने आस-पास की जगह को साफ रखना बीमारियों के संक्रमण को रोकने में सहायक सिद्ध होता है।
आयुर्वेदिक व घरेलू कारगर जड़ी-बूटियाँ
आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में अदरक और गर्म पानी के सेवन के अलावा, अपने आहार में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। अदरक पाचन में मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। नीम एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों के कारण यूरिक एसिड की समस्या से राहत दिला सकता है। वहीं गिलोय यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में प्रभावी हो सकती है। त्रिफला यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इसी तरह अदरक और शहद के साथ गर्म पानी इम्युनिटी बढ़ाता है। इन आयुर्वेदिक, आसान व घरेलू उपायों को अपनाकर बारिश के मौसम में स्वस्थ रह सकते हैं और बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। बारिश के मौसम में मंद अग्नि यानी पाचन शक्ति कमजोर होना रोगों का मुख्य कारण है।



