Wednesday, July 15, 2026
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HomeDainik Bureau Deskबैंड-बाजों, पुष्पवर्षा और तोरण द्वारों के बीच हुआ मुनि संघ का स्वागत

बैंड-बाजों, पुष्पवर्षा और तोरण द्वारों के बीच हुआ मुनि संघ का स्वागत

चातुर्मास में धर्म लाभ लेने का संतों ने दिया संदेश


Deoli News 15 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली में मंगलवार को धर्ममय वातावरण में रंग गया, जब मुनि वैराग्य सागर एवं मुनि सुप्रभ सागर का भव्य मंगल प्रवेश बैंड-बाजों, जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच धूमधाम से हुआ। इसे लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर आकर्षक तोरण द्वार सजाए गए।

 

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श्रद्धालुओं ने जगह-जगह मुनि संघ का स्वागत किया, जबकि सदर बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों एवं समाज के लोगों ने आरती उतारकर अभिनंदन किया। महिलाओं ने मंगल कलश के साथ अगवानी की और श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा कर मुनि संघ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। मंगल प्रवेश यात्रा जहाजपुर चुंगी नाका से प्रारंभ होकर छाया मार्केट, छतरी चौराहा, चंद्रप्रभु जैन मंदिर, सदर बाजार होते हुए महावीर दिगंबर जैन मंदिर एवं धर्मशाला ट्रस्ट पहुंची, जहां मुनि संघ वर्षायोग के लिए विराजमान हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के साथ शोभायात्रा में शामिल रहे तथा जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। धर्मसभा में मुनि सुप्रभ सागर ने कहा कि चतुर्मास केवल साधु का नहीं, बल्कि पूरे नगर और प्रत्येक श्रावक का भी होता है। साधु के पास जाना व्यक्ति का भाग्य, साधु का नगर में आगमन समाज का सौभाग्य और किसी नगर में चतुर्मास का होना महासौभाग्य है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु चतुर्मास के दौरान धर्म, स्वाध्याय, तप, संयम और साधना का अधिकाधिक लाभ लें।

धर्म में लगाया गया थोड़ा-सा समय भी जन्म-जन्मांतर के पापों के क्षय का कारण बनता है। मुनि वैराग्य सागर ने कहा कि मंदिर में विराजमान भगवान के दर्शन प्रतिदिन हो सकते हैं, लेकिन गुरु के दर्शन उनके नगर आगमन पर ही संभव होते हैं। लिहाजा गुरु सान्निध्य का प्रत्येक क्षण अमूल्य है और सभी को इसका लाभ लेना चाहिए। अंकित जैन डाबर ने बताया कि सभा में जानकारी दी गई कि 21 से 29 जुलाई तक मुनि संघ के सान्निध्य में सिद्धचक्र मंडल विधान का आयोजन होगा। वहीं 29 जुलाई को वर्षायोग कलश स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा। लोगों से इन सभी धार्मिक आयोजनों में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनकर धर्म लाभ लेने का कहा गया। मंगल प्रवेश को लेकर समाज के लोगों ने दोपहर 12 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखें।

यहां तक के बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे पहले महावीर दिगंबर जैन मंदिर एवं धर्मशाला ट्रस्ट में आयोजित “विद्या वैराग्यवर्धन वर्षायोग-2026” के तहत जहाजपुर चुंगी नाका पर ट्रस्ट अध्यक्ष संजय जैन एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने पाद प्रक्षालन कर अगवानी की। मुख्य बाजार में सकल दिगंबर जैन समाज ने स्वागत द्वार सजाकर मुनि संघ का अभिनंदन किया।

महावीर मंदिर पहुंचने पर प्रथम पाद प्रक्षालन का सौभाग्य निहालचंद-दौलत कुमार सेठी परिवार तथा शास्त्र भेंट का सौभाग्य इंद्रमल-अनिल कुमार कासलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में बूंदी, बेगूं, शाहपुरा, दूनी सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

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