Deoli News 9 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र देवली पर शिवरात्रि महोत्सव हुआ। इस पर्व पर जयपुर से आई राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चंद्रकला दीदी ने शिवरात्रि पर्व का आध्यात्मिक अर्थ बताया।
उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर धतूरे चढाने का अर्थ पांचों विकार छोडने से है। बैर चढाने का तात्पर्य आपसी बैर भाव को त्यागने से है। वर्तमान में परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर हम सभी को पांच विकारों से मुक्त होने का राजयोग का ज्ञान दे रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के बृजमोहन अग्रवाल थे। चंद्रकला दीदी ने शिव ध्वज फहराकर शिव केक काटा गया व सभी को प्रसाद वितरित किया। स्थानीय सेवा केन्द्र संचालिका बीके निर्मला ने आभार व्यक्त किया।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
ऊंचा स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें देर रात तक श्रद्धालु भजन सरिता में झूमते रहे।
मंदिर पुजारी दयाल नाथ ने बताया कि भजन संध्या में भजन गायक कलाकार अनिल बूंदी, अशोक जांगिड आदि ने सुर-ताल का सामंजस्य बनाया। इस दौरान ऊंचा सरपंच रामराज मीणा, गजराज सिंह राणावत, दिनेश सिंह राणावत, भेंरू मीणा, चंदालाल आदि थे।


