Wednesday, June 3, 2026
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HomeDainik Bureau Deskसत्संग से जीवन में आता है वैचारिक परिवर्तन- मुरारी बापू

सत्संग से जीवन में आता है वैचारिक परिवर्तन- मुरारी बापू

“श्रीराम ज्ञान यज्ञ महोत्सव”


Deoli News 3 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के अटल उद्यान टीनशेड परिसर में चल रहे 15 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ महामहोत्सव में महामंडलेश्वर दिव्य मुरारी बापू ने याज्ञवल्क्य-भारद्वाज संवाद के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व केवल शारीरिक सुंदरता से नहीं, बल्कि गुणों से निखरता है। कथा के सत्संग में उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषा में मधुरता, स्वभाव में सरलता, व्यवहार में नम्रता और बुद्धि में विवेक ही सच्चे व्यक्तित्व की पहचान है। समाज में स्नेह और आदर प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को स्वयं व्यवहार कुशल, परोपकारी और न्यायप्रिय बनना अनिवार्य है। बापू ने कहा कि हम दूसरों को जो सम्मान देते हैं, वही हमें प्रतिफल के रूप में प्राप्त होता है, दरअसल हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। मन ही जीवन की सीढ़ी है, जिसे ऊपर ले जाना या नीचे गिराना हमारे आचरण पर निर्भर करता है। लिहाजा सत्संग से प्राप्त ज्ञान द्वारा स्वयं के व्यक्तित्व को गुण संपन्न बनाना हमारे अपने हाथ में है।

उत्कृष्ट व्यक्तित्व ही लोकप्रियता का असली मापदंड है। घनश्याम दास महाराज के सानिध्य में चल रही इस कथा के दौरान महिलाओं ने भक्ति में विभोर होकर नृत्य किया और अंत में आरती के बाद प्रसाद वितरण के साथ कथा प्रसंग पूरी हुई। उल्लेखनीय है कि आयोजन स्थल पर प्रतिदिन शाम 6:30 से 10:30 बजे तक संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। पुरुषोत्तम मास में श्रीराम कथा का श्रवण कर श्रद्धालु निहाल हो रहे हैं।

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