भगवान का जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया
Jahazpur News 23 जून (आज़ाद नेब) शहर में लघु पंचकल्याणक महोत्सव के तहत दूसरे दिन रविवार को भगवान का जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक महोत्सव मुनि आदित्य सागर के सानिध्य में मनाया गया। महोत्सव में भगवान के जन्म की घोषणा से पूरा पंडाल भगवान के जयकारों से गूंजायमान हो गया।

चारों ओर खुशियां छा गई। बाजे बजने लगे मिठाइयां बटने लगी। पूरा राज दरबार खुशियां मना रहा था। कुबेर इंद्र रत्नो की वर्षा कर रहे थे। भगवान की शांतिधारा करने, चांदी का छत्र लगाने, प्रथम पालना झुलाने, मुनि को शास्त्र भेंट करने का श्रृद्धालुओं को सौभाग्य मिला। भगवान को पांडू शिला पर विराजमान कर 1008 कलशो से जन्माभिषेक किया गया। दिन में तप एवं ज्ञान कल्याण महोत्सव के दौरान भगवान का समवशरण, आहारचर्या, धर्म सभा राजदरबार लगाया गया। लघु पंचकल्याणक महोत्सव आदित्य सागर, अप्रमित सागर एवं 108 सहज सागर एवं क्षुल्लक श्रेयस सागर विराजमान थे। अलग-अलग कोठो में श्रावक श्राविकाएं भी विराजमान थी।
धर्म सभा में मुनि ने बताया कि ज्ञान और चरित्र की शुद्धि से ही मनुष्य जीवन सार्थक है। आज मनुष्य, नाम और पैसे के पीछे भाग रहा है। फिर भी संतुष्ट नहीं है। ज्ञान और चरित्र की वृद्धि व शुद्धि के लिए मुन ने पांच सूत्र बताए हैं। मुनि ने कहा कि जिसको वित्त से राग है, वह क्या वितरागी से राग करेगा। सोमवार को भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा व भगवान को बेदी में विराजमान किया जाएगा। कार्यक्रम में समाज देवली, बूंदी, कोटा, अमरगढ़, भीलवाड़ा, पेच की बावड़ी, महुआ, धामनिया, पण्डेर, कोटडी, रोपा, बागूदार समेत जगहों से पधार लोग आए।
समाज अध्यक्ष सुनील कुमार झांझरी ने बताया कि मुख्य पात्र में कैलाश चन्द पलासिया, विमल बाकलीवाल, नवीन बाकलीवाल, पारस बाकलीवाल, महेंद्र गोधा, टीनू गोधा, राजकुमार गोधा एवं गुलाब झांझरी परिवार सहित भाग ले रहे हैं।


