Deoli News 28 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के बावड़ी बालाजी मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन शनिवार को पं पुष्प मुरारी बापू ने भगवान शिव और सती के चरित्र का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि सती ने अपने पति शिवजी की बात नहीं मानी। लिहाजा उनको अपना देह त्यागना पड़ा। कोई भी स्त्री अपने पति और अपने पिता का अपमान सहन नहीं कर पाती है। जब सती ने यज्ञ में जाकर देखा। तब वहां अपने पति शिवजी के लिए कोई स्थान नहीं था। इस बात से सती को क्रोध आया और उन्होंने अपने ही अंतःकरण से योग अग्नि को प्रकट किया। उसमें अपनी देह को भस्म कर दिया। पुष्प मुरारी बापू ने बताया कि स्त्रियों को चाहिए कि वह अपने पति और पिता का सम्मान करें। रविवार को श्रीराम जन्म की कथा और भगवान शिव पार्वती का विवाह होगा। कथा के बीच भगवान के भजन भी गाए गए।



